आंदोलन की धार तेज करने की तैयारी
पटना। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक से संबद्ध) का राज्य सम्मेलन आगामी 05 एवं 06 सितंबर 2026 को राजधानी पटना में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय 24 मई को पटना के केदारभवन (अदालतगंज) में आयोजित राज्य कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस संबंध में यूनियन के प्रदेश महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह ने 10 जून को एक आधिकारिक पत्र जारी कर संगठन के आगामी फैसलों और रणनीतियों की विस्तृत जानकारी साझा की है।
संगठन को कानूनी रूप से मजबूत करने पर जोर
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चंद्रावती देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों के राष्ट्रीय और प्रांतीय मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
राष्ट्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन: ऑल इंडिया आंगनबाड़ी वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व एमएलसी उषा सहनी और एटक के राज्य महासचिव अजय कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कानूनी मजबूती: महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह ने अपने संबोधन में संगठन को कानूनी रूप से अधिक सुदृढ़ और नियमों के दायरे में खड़ा करने की जरूरत पर बल दिया। बैठक को राज्य अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह और संगठन के वरिष्ठ नेता संजय कुमार भारती ने भी संबोधित किया।
राज्य सम्मेलन को लेकर लिए गए 5 बड़े फैसले
बैठक में संगठन की मजबूती और सितंबर में होने वाले राज्य सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सांगठनिक और वित्तीय निर्णय लिए गए:
विषय: लिया गया निर्णय, समय सीमा (डेडलाइन)
सम्मेलन कोष – प्रत्येक परियोजना कमिटी को ₹5,000 का सहयोग कोष जमा करना होगा। इसकी आधी राशि जून 2026 के अंत तक राज्य यूनियन के खाते में भेजनी होगी।
सदस्यता शुल्क – नियमित सदस्यता शुल्क न आने पर चिंता जताई गई। सभी कमिटियों को वार्षिक सदस्यता शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा गया है। जुलाई 2026 के अंत तक (सम्मेलन से 1 माह पूर्व)
प्रतिनिधि चयन – प्रत्येक 50 सदस्यों पर 1 प्रतिनिधि का चुनाव किया जाएगा। केवल उन्हीं प्रतिनिधियों को भेजा जाएगा जो पूरे समय सम्मेलन में उपस्थित रहें। सम्मेलन से पहले
प्रतिनिधि शुल्क – सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिनिधि के लिए ₹200 का शुल्क निर्धारित किया गया है।-
स्मारिका प्रकाशन – राज्य सम्मेलन के विशेष अवसर पर एक स्मारिका (Souvenir) प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया है।
कमजोर कमिटियों पर कसा शिकंजा, सरकार से आर-पार की तैयारी
बैठक में संगठन के भीतर की कमजोरियों पर भी खुलकर चर्चा हुई। नियमों और सांगठनिक प्रावधानों का पालन न करने वाले जिला और परियोजना कमिटी के अध्यक्षों व महासचिवों की कार्यशैली पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह ने पत्र के माध्यम से साफ संदेश दिया है कि राज्य सम्मेलन के इस अवसर पर संगठन को पूरी तरह चुस्त, दुरुस्त और अनुशासित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा:
“जब संगठन आंतरिक रूप से मजबूत और एकजुट होगा, तभी हम आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए एक बार फिर ‘जंगे मैदान’ में उतरकर सरकार से सीधे टकराने और अपनी मांगें मनवाने के काबिल बन सकेंगे।”
यूनियन ने राज्य की सभी आंगनबाड़ी बहनों और अभिभावक भाइयों से इस सम्मेलन को सफल बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।
