पटना, 28 जून। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आगामी सत्र के नेतृत्व को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। सम्मेलन की सर्वोच्च स्वामिनी समिति यानी ‘स्थायी समिति’ ने नियमावली के नियम-19 को पूरी तरह से विलोपित (समाप्त) कर दिया है। रविवार को वर्तमान सत्र की अंतिम बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। इस बड़े संशोधन के बाद सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ के लिए दोबारा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने और प्रत्याशी बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
गौरतलब है कि अगस्त महीने में सम्मेलन का पांच वर्षीय वर्तमान सत्र समाप्त हो रहा है। सत्र की इस आखिरी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर कुल सात महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इन प्रस्तावों के तहत मतदाता निरूपण समिति द्वारा अद्यतन (अपडेट) की गई मतदाता सूची को मंजूरी दी गई। साथ ही निर्वाचन पदाधिकारी से आगामी सत्र के लिए नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जुलाई महीने से ही आरंभ करने का औपचारिक आग्रह किया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंकेक्षण (ऑडिट) और पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंची सम्मेलन की गूंज: डॉ. अनिल सुलभ
राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई इस विशेष बैठक में देश-दुनिया से आए विद्वानों और सदस्यों का स्वागत करते हुए सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों और उद्यम के कारण ही आज बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की प्रतिष्ठा न केवल पूरे भारतवर्ष में स्थापित हुई है, बल्कि देश की सीमाओं को लांघकर इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
राज्यभर के साहित्यकारों और जिला प्रतिनिधियों का महाजुटान
इस ऐतिहासिक बैठक में बिहार के कोने-कोने से आए वरिष्ठ शिक्षाविदों, साहित्यकारों और विभिन्न जिला इकाइयों के अध्यक्षों व सचिवों ने हिस्सा लिया और पारित प्रस्तावों पर अपने विचार रखे।
बैठक में मुख्य रूप से पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रास बिहारी सिंह, सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष जियालाल आर्य, उपाध्यक्ष व पूर्व विशेष सचिव डॉ. उपेंद्रनाथ पाण्डेय, बिहार संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शंकर प्रसाद, पूर्व प्राचार्या डॉ. कल्याणी कुसुम सिंह, मुजफ्फरपुर के उदय नारायण सिंह, सारण के ब्रजेंद्र कुमार सिन्हा, बक्सर के महेश्वर ओझा ‘महेश’, आरा के प्रो. बलिराज ठाकुर, पश्चिमी चंपारण के आनंद किशोर मिश्र, लखीसराय के अरविंद कुमार भारती समेत भारी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।
इनके अलावा डॉ. दिनेश कुमार दिवाकर, डॉ. पूनम आनंद, कुमार अनुपम, विभारानी श्रीवास्तव, डॉ. पुष्पा जमुआर, डॉ. शालिनी पाण्डेय समेत सैकड़ों सम्मानित सदस्यों और जिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस बैठक को गरिमामयी बनाया। सभा के समापन पर इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए सभी सदस्यों का सामूहिक चित्र (ग्रुप फोटोग्राफ) लिया गया और राष्ट्रगान के साथ सभा की कार्यवाही संपन्न हुई।
