बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मतदान की तारीख अब महज तीन-चार दिन रह गए हैं और इन अंतिम दिनों में यह साफ दिखने लगा है की भले ही यहां पिछले 40 साल भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ रही हो।
लेकिन यहां से जनसुरज पार्टी के तरफ से प्रशांत किशोर के मैदान में होने से भाजपा को यहां से जीतना मुश्किल लग रहा है और इन्हीं कारणों से भाजपा नेतृत्व यह सीट जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है लेकिन जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है मतदाता रुझान ने भाजपा नेतृत्व की टेंशन बढ़ा दी है।
सबसे पहली गलती तो भाजपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा में की है। नाम की घोषणा के बाद और नामांकन भरने के बाद नाम वापसी और नए उम्मीदवार की घोषणा ने जहां एक तरफ भाजपा के प्रशांत किशोर से डर को सार्वजनिक कर दिया। वहीं दूसरी तरफ प्रशांत किशोर के लिए लोगो के मन में *जीत सकता है” कि सोंच जगा दी।
अनेक लोगों का कहना था कि भाजपा तो कहती थी कि वह अपने सीट पर किसी को भी खड़ा करेगी उसकी जीत निश्चित है। लेकिन किसी डर से ही सही भाजपा ने अपने पहले प्रत्याशी के नाम की वापसी के साथ ही यह दिखा दिया कि वह बैकफुट पर है और प्रशांत किशोर इस चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
और इन्हीं सब कारणों से जहां एक तरफ भाजपा नेतृत्व ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राज्य भर के नेताओं और मंत्रियों की पूरी फौज यहां उतार दी है। वही प्रशांत किशोर की पार्टी के अनेक बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल करने का भी अभियान चलाए रखा है। क्या इन बातों का प्रभाव आम मतदाताओं को नहीं पड़ता है?
ऐसे में आम मतदाताओं में भाजपा नेतृत्व का यह जबरिया कार्यक्रम क्या संदेश दे रहा है यह समझ जा सकता है। भाजपा के इन नीतियों ने बेशक आम मतदाताओं को प्रशांत किशोर की वेचारगी पर सोचने को मजबूर कर दिया है। और इसके सकारात्मक परिणाम भी आ सकते हैं।
बकीपुर विधानसभा चुनाव में जनसुराज की तरफ से प्रचार के लिए आए और होटल में ठहरे लोगों को पटना पुलिस द्वारा परेशान करने का भी आरोप लगा है। यह सब कार्यवाही भी कार्यकर्ताओं को अपने ध्येय के प्रति कट्टर बना देता है और वे दुगने जोश के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति में लगे हुए हैं।
और सबसे महत्वपूर्ण बात दिल्ली और पटना के साथ देशभर में इन दिनों चले जेनजी आंदोलन के लिए सीधे तौर पर भले ही भाजपा नेतृत्व को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। लेकिन कहीं ना कहीं इसमें केंद्र सरकार की लापरवाही दिखती है। जिससे इन दिनों पूरे देश में माहौल भाजपा के खिलाफ बना है। और इसका फायदा भी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर को मिलने की पूरी संभावना है।
