नालंदा/पटना: बिहार को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और ‘सुधा’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा स्थित बिहारशरीफ डेयरी परियोजना परिसर में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट, एचपीसीएल (HPCL) पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया।
इस दौरान उन्होंने 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर बांटे और पशु उठाव व परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सरकार का लक्ष्य बिहार में प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन करना है।
उन्होंने कहा कि भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में बिहार का योगदान 25 प्रतिशत है और इसे आगे बढ़ाते हुए ‘सुधा’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा।
बकरी पालन के लिए बनेगा अलग फेडरेशनग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने बकरी पालन के लिए अलग से फेडरेशन बनाने की घोषणा की। बकरी के दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और विपणन (मार्केटिंग) की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने इस क्षेत्र में जीविका दीदियों के प्रयासों की भी सराहना की।नालंदा बनेगा डेयरी प्रोसेसिंग का मुख्य केंद्रनालंदा को राज्य के प्रमुख दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड चेन और विपणन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
1000 प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र होंगे स्थापितपशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके तहत पूरे राज्य में कुल 1000 केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही, पशुओं के दुर्घटनाग्रस्त होने पर त्वरित इलाज के लिए पशु उठाव वाहन की सुविधा भी शुरू की गई है।
ग्रामीण हाट और नए सुधा आउटलेटमुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों की सरकारी जमीन पर ग्रामीण हाट लगाए जाएंगे, जहां दूध, सब्जी और मछली की बिक्री होगी। इसके अलावा, राज्य में 2500 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है और 200 नए स्थानों पर सुधा आउटलेट खोले जा रहे हैं,
जिनमें से 88 स्थानों का चयन पूरा हो चुका है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पशुपालक व जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।
