पटना, 11 सितंबर 2026। बिहार में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध और अनुसंधान को अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में स्विट्जरलैंड की प्रतिष्ठित संस्था स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन (SNSF) के पूर्व प्रतिनिधि प्रोफेसर मैक्स बर्गमैन, डॉ. जीनेथ बर्गमैन और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सदस्य सचिव प्रो. धनंजय सिंह तथा विधान पार्षद नीरज कुमार ने मुलाकात की।

इस दौरान दोनों संस्थाओं ने बिहार में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने और विभिन्न शैक्षणिक व शोध गतिविधियों में सहयोग की इच्छा जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे राज्य में शोध संस्कृति को मजबूत करने, अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में नए अनुसंधान अवसर विकसित करने के लिए बिहार सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
बता दें कि स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन वर्तमान में भारत में ICSSR के साथ मिलकर डिजिटल गवर्नेंस, स्पेस साइंस, आपदा प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में पहले से काम कर रही है। अब इसका विस्तार बिहार में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में भी करने की योजना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों संस्थाओं के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि आज के समय में सामाजिक विज्ञान में शोध की अत्यंत आवश्यकता है। इससे समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने, जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और नीति निर्माण को मजबूत आधार देने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के शैक्षणिक उन्नयन, कौशल विकास और अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विश्वविद्यालयों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। इस सहयोग से सामाजिक विज्ञान और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और नई शोध पद्धतियां विकसित होंगी, जिससे राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थाओं के साथ साझेदारी से विकसित भारत और समृद्ध बिहार के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। बिहार को यदि वैश्विक स्तर की संस्थाओं का सहयोग मिलता है तो राज्य में चल रहे शैक्षणिक और शोध प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आएंगे और बिहार एक बार फिर ज्ञान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान को सशक्त करेगा।
