बिहार की राजधानी पटना से सटे नौबतपुर में दो सगे डांसर बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दहला देने वाली वारदात सामने आई है। इस जघन्य अपराध को लेकर बिहार की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल विभि6अखबार की कटिंग को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सूबे की कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर सीधा व बेहद तीखा हमला बोला है।
क्या है पूरा मामला?
पटना के नौबतपुर इलाके में एक तिलक समारोह में डांस कार्यक्रम के लिए बुलाई गईं दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया है।
पूरी रात दरिंदगी और मारपीट: झारखंड के लातेहार की रहने वाली ये दोनों बहनें पटना के मीठापुर में रहकर काम करती थीं। आरोप है कि मुन्ना कुमार नामक युवक उन्हें स्कूटी पर बैठाकर कार्यक्रम के बहाने अपने गांव ले गया, जहां मुन्ना, उसके चचेरे भाई सूरज, भानु कुमार और अन्य युवकों ने मिलकर उनके साथ पूरी रात दरिंदगी की, मारपीट की और मोबाइल छीनकर जान से मारने की धमकी दी।
बचाव और गिरफ्तारी: अगले दिन सुबह जब आरोपी उन्हें छोड़ने निकले, तो फुलवारीशरीफ के पास भीड़ देखकर पीड़ित बहनों ने शोर मचाया। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस (डायल-112) को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को धर दबोचा।
मामले में 3 नामजद समेत कुल 12 लोगों पर केस दर्ज किया गया है, और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
“संवाद अदायगी से नहीं सुधरेगी कानून-व्यवस्था” — राजद का तीखा प्रहार
इस दर्दनाक घटना को आधार बनाकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य की एनडीए (BJP-JDU) सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लिया है। राजद ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए लिखा:
“महिलाओं, युवतियों और छोटी छोटी बच्चियों के साथ लगातार जघन्य कांड हो रहे हैं! BJP JDU सरकार में किसी को कानून या Bihar Police का डर नहीं है! मुख्यमंत्री को लगता है कि वो धांसू डायलॉगबाजी करते रहेंगे तो बिहार की कानून व्यवस्था उनकी भारी भरकम डायलॉग डिलीवरी के बोझ तले ही दुरुस्त हो जाएगी!”
राजनीतिक मायने और उठते सवाल
इस घटना और विपक्ष के इस हमले ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल बयानों और भाषणों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत पर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। नौबतपुर की इस बर्बर घटना ने प्रशासनिक सतर्कता और कानून के खौफ को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
