पटना:
टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से पटना जिले ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले ने संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग के मामले में महज कुछ ही समय में 38वें स्थान से सीधे प्रथम स्थान पर पहुंचकर एक मिसाल कायम की है। जिलाधिकारी द्वारा की गई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अभियान को और अधिक गति देने के निर्देश दिए गए।
जांच और स्क्रीनिंग में आई अभूतपूर्व तेजी
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि 2 जुलाई को पटना जिला स्क्रीनिंग के मामले में राज्य में 38वें स्थान पर था, जो टीम की निरंतर मेहनत और प्रतिबद्धता के बल पर अब राज्य में पहले स्थान पर आ गया है। इस गति को बनाए रखने का आह्वान करते हुए उन्होंने नैट (NAAT) टेस्टिंग और एक्स-रे जांच की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जिले में अब तक 16,381 संदिग्ध मरीजों की नैट टेस्टिंग और 22,493 मरीजों की एक्स-रे जांच पूरी की जा चुकी है, ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाकर तत्काल इलाज शुरू किया जा सके।
मरीजों के पोषण और आर्थिक सहायता पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान टीबी मरीजों को दी जाने वाली पोषण एवं वित्तीय सहायता योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई:
पोषण सहायता: वर्तमान में जिले के 361 टीबी मरीजों को प्रति माह न्यूट्रिशन/फूड बास्केट उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीबी से लड़ाई केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के खान-पान और पोषण पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।
निक्षय पोषण योजना (DBT): मरीजों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाने वाली आर्थिक सहायता और दवा की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भुगतान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।
सामूहिक प्रयास से टीबी मुक्त पटना का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों की पहचान से लेकर जांच, समय पर दवा, फूड बास्केट और डीबीटी भुगतान तक की पूरी श्रृंखला की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और सामाजिक-आर्थिक सहयोग के सामूहिक प्रयासों से ही पटना जिले को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उपविकास आयुक्त श्री शुभम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अभियान से जुड़े अन्य प्रशासनिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
