कटिहार, 18 अप्रैल 2026: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज कटिहार में मीडिया से बात करते हुए बिहार की कानून व्यवस्था और NEET छात्रा मामले की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए। छात्रावास के मकान मालिक को जमानत मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया।
प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस जघन्य मामले के तार सत्ता के गलियारों में बैठे ‘बड़े रसूखदार और सफेदपोश’ लोगों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, “सरकार के बड़े पदों पर बैठे लोगों को बचाने के लिए पटना पुलिस ने केस को उलझा कर रखा। SIT से लेकर CBI तक इस मामले में लाचार नजर आ रही हैं। सरकार ने केवल कमेटियों का खेल खेलकर समय बर्बाद किया ताकि सबूतों और गवाहों को कमजोर किया जा सके।”
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि वे वर्तमान में CBI की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:
सत्य की कसौटी: यदि CBI ने बिना सत्य की गहराई में जाए गलत या भ्रामक रिपोर्ट दी, तो जन सुराज उसे स्वीकार नहीं करेगा।
दोषियों को संरक्षण बर्दाश्त नहीं: “अगर CBI दोषियों को छोड़ने या बचाने का काम करेगी, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।”
छात्रा को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराते हुए किशोर ने कहा कि जब सिस्टम और सरकारें हाथ खड़े कर देती हैं, तब जनता को आगे आना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि छात्रा को न्याय नहीं मिलता है, तो जन सुराज पूरी ताकत के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होगा और उन्हें अकेला नहीं पड़ने देगा।
