पटना, १२ जून। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और जमीन घोटालों के खिलाफ सरकार का हंटर लगातार चल रहा है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ८ और अंचल अधिकारियों (CO) तथा राजस्व कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक व विभागीय कार्यवाही को मंजूरी दे दी है।
विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि जनता के काम में रिश्वतखोरी, सरकारी जमीन का बंदरबांट या दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में गड़बड़ी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
किस अधिकारी पर क्या हुई कार्रवाई?
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, अलग-अलग जिलों के दोषी अधिकारियों पर बेहद सख्त दंडात्मक कदम उठाए गए हैं:
जहानाबाद (रतनीफरीदपुर): तत्कालीन अंचल निरीक्षक संतु कुमार राम को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस गंभीर मामले में सरकार ने उनकी पेंशन में शत-प्रतिशत (100%) स्थायी कटौती का कड़ा दंड दिया है।
बांका (बौंसी): तत्कालीन अंचल अधिकारी विजय कुमार गुप्ता पर एक ही दस्तावेज को पहले खारिज करने और बाद में पैसे के खेल में स्वीकृत करने का आरोप सही पाया गया। सजा के तौर पर उनकी पेंशन में अगले दो वर्षों के लिए 10 प्रतिशत कटौती का आदेश जारी किया गया है।
भागलपुर (नारायणपुर): तत्कालीन अंचल अधिकारी अजय कुमार सरकार पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) करने के एवज में ५ लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है, जिसके तहत उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाई जा रही है।
रोहतास (डिहरी): तत्कालीन अंचल अधिकारी सीमा रानी पर सरकारी जमीन के कागजातों में जालसाजी कर भूमि का बंदरबांट करने और गलत तरीके से दाखिल-खारिज करने के संगीन आरोपों में विभागीय कार्यवाही जारी है।
मधेपुरा (मुरलीगंज): तत्कालीन सीओ जयप्रकाश स्वर्णकार पर ट्रांसफर होने के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बैकडेट या अवैध तरीके से बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज वादों का निपटारा करने का आरोप है। उनसे द्वितीय कारणपृच्छा (Show Cause) नोटिस का जवाब मांगा गया है।
नालंदा (एकंगरसराय): तत्कालीन राजस्व कर्मचारी आमोद कुमार पर भी म्यूटेशन में अनियमितता के आरोप में जवाब तलब किया गया है।
रोहतास (करगहर): तत्कालीन प्रभारी सीओ सुरजेश्वर श्रीवास्तव बिना किसी सूचना या वैध कारण के लगातार ड्यूटी से गायब (अनुपस्थित) चल रहे थे, जिसके लिए उनके खिलाफ आरोप पत्र (Charge Sheet) गठित किया गया है।
बांका (बेलहर): तत्कालीन सीओ नागेन्द्र प्रसाद के खिलाफ भी भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामलों में आरोप पत्र गठित कर दिया गया है।
एक महीने में ५० अधिकारियों पर गिर चुकी है गाज
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले महज एक महीने के भीतर राज्य के कुल ५० अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय कार्यवाही और पेंशन कटौती जैसी सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।
“विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। आम जनता के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना नीतीश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अगर वह अपने पद का दुरुपयोग करेगा, तो सीधे जेल जाएगा और विभागीय कार्रवाई का सामना करेगा।”
— डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, बिहार
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे बिहार के अंचलों (ब्लॉक कार्यालयों) में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में जमीन संबंधी कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसे और भी कड़े कदम देखने को मिल सकते हैं।
