भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दिखाई झंडी; बोले- “आधी आबादी के सम्मान से खिलवाड़ कर रहा विपक्ष”
पटना, 28 अप्रैल: बिहार की राजधानी पटना की सड़कें आज शाम मशालों की रोशनी और ‘नारी शक्ति’ की हुंकार से गूँज उठीं। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) पारित न होने के विरोध में हजारों महिलाओं ने ऐतिहासिक मशाल जुलूस निकालकर विपक्षी दलों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इनकम टैक्स गोलंबर पर मशालें प्रज्वलित कर और झंडी दिखाकर इस विशाल जुलूस को रवाना किया।
जुलूस को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:
साजिश का आरोप: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का संकल्प लिया, लेकिन राजद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने साजिश के तहत इसमें रोड़े अटकाए।
हक की लड़ाई: यह केवल एक जुलूस नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई है। सड़कों पर उमड़ा यह सैलाब गवाह है कि आधी आबादी अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है।
मोदी सरकार की प्रतिबद्धता: पिछले 11 वर्षों में पीएम मोदी ने उज्ज्वला से लेकर सुरक्षा अभियानों तक, महिलाओं को केंद्र में रखा है।
इनकम टैक्स गोलंबर से डाक बंगला चौराहा तक निकले इस जुलूस में शामिल हजारों महिलाओं के हाथों में जलती हुई मशालें थीं। प्रदर्शनकारी महिलाएं “नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने किया अपमान” और “आधी आबादी को हक पाने से, रोका क्यों… रोका क्यों…” जैसे नारों से आसमान गुंजा रही थी।
इस मशाल जुलूस में भाजपा की कई कद्दावर महिला नेत्रियों ने नेतृत्व किया, जिनमें पूर्व मंत्री व विधायक श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, विधानपार्षद निवेदिता सिंह और अनामिका सिंह पटेल, विधायक संगीता कुमारी, प्रदेश महिला मोर्चा की पदाधिकारी सजल झा, अमृता भूषण राठौड़, रानी चौबे, प्रीति शेखर, दिव्या गुंजन के साथ सैकड़ों भाजपा महिला कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
संजय सरावगी ने जोर देकर कहा कि जहाँ एक ओर महिलाएं कांग्रेस और राजद के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर वे पीएम मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त कर रही हैं। यह आंदोलन आने वाले समय में बिहार की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और विपक्ष के प्रति उनके कड़े रुख का संकेत है।
