Tuesday, April 28, 2026
HomeTop Storiesपटना: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं - डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम,

पटना: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम,

अस्पताल में समय पर आएं डॉक्टर, मरीजों से करें सम्मानजनक व्यवहार

गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल की ‘रोगी कल्याण समिति’ की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के कड़े निर्देश

पटना, 28 अप्रैल 2026: पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर जरूरतमंद को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित गुरू गोविंद सिंह सदर अस्पताल की रोगी कल्याण समिति (शासी निकाय) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।

​बैठक में जिलाधिकारी ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कार्यशैली को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

उपस्थिति और रोस्टर: सभी चिकित्सक और कर्मचारी रोस्टर के अनुसार समय पर अस्पताल में उपस्थित रहें। इस रोस्टर को अस्पताल के सूचना पट्ट (Notice Board) पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए ताकि मरीजों को जानकारी रहे।

मरीज-केंद्रित सेवा: अस्पताल स्टाफ मरीजों के प्रति मित्रवत व्यवहार रखें। वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सात निश्चय कार्यक्रम के तहत उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

​अस्पताल में निःशुल्क दवाओं का स्टॉक कभी खत्म नहीं होना चाहिए।

इमरजेंसी, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं हर समय सुदृढ़ रहें।

​संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देने के लिए जनता के बीच विश्वास पैदा किया जाए।

​अस्पताल की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए डीएम ने अधीक्षक को निर्देश दिया कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट (Biomedical Waste) का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें। साथ ही, तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Liquid Waste Management) के लिए भी विशेष योजना पर काम करने को कहा गया।

​बैठक के दौरान अस्पताल अधीक्षक ने जानकारी दी कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए ‘जीविका’ द्वारा संचालित ‘‘दीदी की रसोई’’ से निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम ने कहा कि वंचित समुदाय के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा ही एकमात्र सहारा है, इसलिए इसे व्यवस्था की रीढ़ मानकर कार्य करना होगा।

​अस्पताल में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर रिक्त पदों पर जल्द से जल्द पदस्थापन की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी के साथ सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक और रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे