Monday, April 20, 2026
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पटना: महिला आरक्षण पर घमासान, एनडीए महिला विंग ने विपक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा

पटना, 20 अप्रैल 2026: राजधानी पटना की सड़कों पर आज उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया जब एनडीए की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) पारित न होने के विरोध में विशाल “जन आक्रोश महिला मार्च” निकाला। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में महिलाएं कारगिल चौक पर एकत्रित हुईं और वहां से ऐतिहासिक गांधी मैदान तक मार्च कर विपक्ष के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

​गांधी मैदान में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए एनडीए की विभिन्न घटक दलों की महिला नेताओं ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडी’ (INDIA) पर महिलाओं के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया।

श्रेयसी सिंह (भाजपा): पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री ने कहा कि 17 अप्रैल को सदन में केवल बिल नहीं गिरा, बल्कि महिलाओं की नजरों में विपक्ष का सम्मान गिर गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग मंच से ‘आधी आबादी’ का नारा देते हैं, वे ही राजनीतिक भागीदारी की बात आने पर मेज थपथपाकर जश्न मनाते हैं कि बिल पारित नहीं हुआ।

लेसी सिंह (जदयू): पूर्व मंत्री ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और उनके सहयोगी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद नहीं चाहते कि वंचित और शोषित वर्ग की महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिले।

रेणु देवी (भाजपा): पूर्व उपमुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी सहित अन्य विपक्षी नेताओं के “दोहरे चरित्र” पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के अपने परिवार के सदस्य तो संसद पहुंच जाते हैं, लेकिन वे गांवों की दलित और पिछड़ी महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।

मार्च के दौरान महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर चल रही थीं, जिन पर विपक्ष विरोधी नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने खुद को बेड़ियों में कैद कर सांकेतिक रूप से यह दिखाया कि किस तरह विपक्ष महिलाओं की राजनीतिक आजादी को जकड़ कर रखना चाहता है।

​सम्मेलन में शामिल विधायक ज्योति देवी (HAM), स्नेहलता कुशवाहा (RLM) और बेबी कुमारी (LJP-R) ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह विरोध केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा। एनडीए की महिला कार्यकर्ता इस संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक ले जाएंगी ताकि चुनाव में महिलाएं इस अपमान का जवाब दे सकें।

​सम्मेलन का संचालन सजल झा, अनामिका पासवान और प्रीति शेखर जैसी वरिष्ठ महिला नेताओं ने किया। इस दौरान भारी संख्या में एनडीए की महिला सांसद, विधायक, पार्षद और विभिन्न संगठनों की अध्यक्ष मौजूद रहीं।

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