अजय कुमार
हमारा बिहार आज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती राज्य भर में अपराधियों के महिमामंडन की है। जब अपराधियों को जाति या किसी अन्य नाम पर हीरो बना दिया जाता है, तो उनका दुष्प्रभाव पूरे समाज पर और राज्य के विकास पर पड़ता है। ऐसा करने से अपराधी समाज का आदर्श बन सकते हैं, जिसका नतीजा भयावह हो सकता है।
“किसी भी जाति के लोग द्वारा अपनी जाति के नाम पर कुख्यातों का महिमामंडन बंद होना चाहिए, वरना अपराधी ही समाज का आदर्श बन जाएंगे।” यह बात हर नागरिक के दिल की आवाज बनना चाहिए।
असली हीरो वही है जो देश को बनाता है, समाज को जोड़ता हैं। और हर परिस्थिति में समाज के अच्छे की सोच लेकर जीता है। न कि वह अपराधी जो अपराध से कमाता है और समाज को जलाता है।
बिहारवासियों को “उन राजनीतिक दलों का बहिष्कार करना चाहिए, जो अपराधियों को टिकट देते हैं।”
यह प्रयास सामूहिक होना चाहिए। बिहार को आगे बढ़ाने में हर नागरिक की सहभागिता और संयोग आवश्यक है। हर नागरिक को जागरूक करना है कि वो अपनी जिम्मेदारी को समझ कर अपने राज्य का भविष्य गुनहगारों के हाथों में नहीं सौंपे।
हमें ऐसे नेताओं और दलों का समर्थन करना चाहिए जो ईमानदारी, देशभक्ति और समाज सेवा के प्रतीक हों।
यह प्रेरक संदेश हर नागरिक को सोचने एवं जागने की पुकार है।
आइए, राज्य के हित में अपराधियों को आदर्श बनाने की प्रवृत्ति का विरोध करें और सच्चे हीरोज का सम्मान करें; ताकि हमारा समाज सुरक्षित, समृद्ध और प्रेरक बने!
सच्चे हीरो बनें, समाज को आगे बढ़ाएँ – अपराधियों का बहिष्कार करें!
