पटना: देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव ने एनडीए (NDA) सरकार को “जनविरोधी और पूंजीपरस्त” करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की जेब काटकर निजी कंपनियों की तिजोरियां भरने में लगी है।
तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि ईंधन के दामों में हो रही इस बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में देश और राज्य की जनता को भयंकर महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
10 दिनों में ₹5 की बढ़ोतरी, रोजाना 50 पैसे की मार
तेजस्वी यादव ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विगत 10 दिनों में तेल की कीमतों में लगभग 5 रुपए की वृद्धि की जा चुकी है, जो सीधे तौर पर 50 पैसे प्रतिदिन की मार है। उन्होंने आशंका जताई कि यह बढ़ोतरी यहीं रुकने वाली नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में कीमतें अभी और ज्यादा बढ़ेंगी।
“कच्चा तेल सस्ता, फिर भी दाम दोगुने” — तेजस्वी का गणित
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) सस्ता था, तब भी यह सरकार आपकी जेब काट रही थी और निजी कंपनियों को मुनाफा पहुंचा रही थी। साल 2014 में कच्चे तेल का जो भाव था, आज कीमत उससे भी बहुत कम है, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल के दाम दोगुने हो चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि इस आर्थिक कुप्रबंधन का सीधा असर देश के रोजगार और विकास पर पड़ेगा, जिससे:
निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में नौकरियां खत्म होंगी।
प्रवासी श्रमिक एक बार फिर अपने घरों को लौटने पर मजबूर होंगे।
लघु और कुटीर उद्योग-धंधे पूरी तरह चौपट हो जाएंगे।
गरीबी और बेरोजगारी का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा।
मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप: “भाषणबाजी और रील्स” की सरकार
केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने तंज कसा कि जनता ने जिसे नफरत के कारोबार, भाषणबाजी, रील्स और एंटरटेनमेंट (मनोरंजन) के लिए चुना था, उसे वह ‘फुल एंटरटेनमेंट’ मिल रहा है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का फोकस नौकरी, गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और देश की अर्थव्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श करने के बजाय सिर्फ इन चीजों पर केंद्रित है:
- संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करना।
- मीडिया में हेडलाइन मैनेजमेंट करना।
- हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और गाय-गोबर की राजनीति करना।
- विभिन्न स्थलों और शहरों के नाम बदलना।
तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा कि जब तक सरकार अपनी मूल जिम्मेदारियों से भागती रहेगी, तब तक देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता इसी तरह पिसती रहेगी।
