Friday, May 22, 2026
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UPSC प्रिलिम्स 2026: पटना के 79 केंद्रों पर 39 हजार से अधिक अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, जिला प्रशासन अलर्ट

पटना। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 को लेकर पटना जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 24 मई (रविवार) को होने वाली इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी तरह स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पटना प्रमंडल के आयुक्त-सह-समन्वयी पर्यवेक्षक श्री मयंक वरवड़े ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

​शुक्रवार को श्री कृष्ण स्मारक भवन में आयोजित एक हाई-लेवल ब्रीफिंग के दौरान आयुक्त ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को पूरी तरह सजग और तत्पर रहने का निर्देश दिया। इस बार पटना प्रमंडल के कुल 79 परीक्षा उप केंद्रों पर 39,147 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

​अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था: 30 जोन में बंटा शहर, भारी फोर्स तैनात

​परीक्षा के सफल संचालन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था के लिए पूरे परीक्षा क्षेत्र को 30 जोन में विभाजित किया गया है।

​हर केंद्र पर पैनी नजर रखने के लिए 79 स्थानीय निरीक्षण अधिकारी और 79 सहायक पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं।

​इसके अलावा 30 जोनल दंडाधिकारी, 16 सुरक्षित दंडाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।

​भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को आयोग द्वारा प्रेक्षक (Observer) के रूप में नामित किया गया है।

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री कार्तिकेय के. शर्मा ने सभी अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों की बारीकियों से अवगत कराया।

​शनिवार को ही केंद्रों का होगा ‘फाइनल इंस्पेक्शन’

​आयुक्त के निर्देशानुसार, सभी स्थानीय निरीक्षण अधिकारी परीक्षा से एक दिन पहले यानी 23 मई (शनिवार) को ही अपने आवंटित केंद्रों का गहन मुआयना करेंगे। वे आयोग के मानकों के तहत सभी तैयारियों की जांच कर शनिवार को ही आयुक्त कार्यालय में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

​परीक्षार्थियों और अधिकारियों के लिए कड़े नियम: एक भूल और करियर खत्म

​प्रशासन ने यूपीएससी के गाइडलाइन्स का हवाला देते हुए कुछ बेहद सख्त नियम जारी किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर सीधे कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी:

नो एंट्री टाइम: किसी भी परिस्थिति में परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रथम पाली के लिए सुबह 09:00 बजे और द्वितीय पाली के लिए दोपहर 02:00 बजे के बाद मुख्य गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध: परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, आईटी गैजेट्स, ब्लूटूथ, डिजिटल या स्मार्ट वॉच और किसी भी प्रकार के संचार उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित है। मुख्य द्वार पर इसके लिए लगातार लाउडस्पीकर से उद्घोषणा की जाएगी।

शिक्षकों पर भी लागू होगा नियम: अभ्यर्थियों के साथ-साथ केंद्राधीक्षक, सहायक पर्यवेक्षक, वीक्षक (इन्विजिलेटर) और परीक्षा से जुड़े किसी भी कर्मी को परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

कैरियर होगा ब्लैकलिस्ट: यदि कोई भी अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी और उसे भविष्य में यूपीएससी की सभी परीक्षाओं से हमेशा के लिए वंचित (ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा।


​सुगम यातायात और मॉनिटरिंग के लिए विशेष निर्देश

​परीक्षा के दिन शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए ट्रैफिक एसपी को उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट के भीतर सभी केंद्रों को अपने यहाँ की उपस्थिति/अनुपस्थिति की रिपोर्ट दूरभाष संख्या 0612-2219205/2233578 पर नियंत्रण कक्ष को देनी होगी। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​कानून व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में संबंधित अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे।

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