Saturday, May 23, 2026
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संभावित बाढ़ और जल-जमाव से निपटने को पटना जिला प्रशासन मुस्तैद, डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने दिए ‘मिशन मोड’ में काम करने के निर्देश

पटना, शनिवार, 23 मई 2026
आगामी मॉनसून के मद्देनजर पटना जिले में संभावित बाढ़ और जल-जमाव की चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है।

जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आज समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सजग और तत्पर है।

डीएम ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में ‘तुरंत रिस्पॉन्ड’ करने को कहा है।

डीएम की सख्त हिदायत:”त्रुटिरहित आपदा प्रबंधन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करें। क्षेत्र भ्रमण के दौरान मैं खुद तैयारियों का जायजा लूंगा। लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

2019 जैसी जल-जमाव की स्थिति दोबारा न हो, नालों की सफाई की मॉनिटरिंग करें

पटना जिला भौगोलिक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है, जहां कुल 23 में से 20 प्रखंड आंशिक या पूर्ण रूप से प्रभावित रहते हैं। गंगा, सोन और पुनपुन नदियों के जलस्तर में एक साथ असामान्य वृद्धि से गंगा के दियारा क्षेत्रों (मनेर से मोकामा तक) और मसौढी व पटना सिटी में पुनपुन और दरधा नदी के क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है।

डीएम ने वर्ष 2019 के भीषण जल-जमाव का संदर्भ देते हुए कहा कि जब नदियों का जलस्तर अत्यधिक होता है, तो अतिवृष्टि की स्थिति में शहरी क्षेत्रों से पानी की निकासी रुक जाती है। इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए:
पटना के 09 बड़े नालों (सर्पेन्टाईन, मंदिरी, कुर्जी, आनंदपुरी, बाकरगंज, बाईपास, योगीपुर और सैदपुर नाला) सहित सभी छोटे-बड़े नालों की उड़ाही का कार्य कराया गया है।

अनुमंडल पदाधिकारियों को मॉनसून-पूर्व नालों की मुकम्मल सफाई की मॉनिटरिंग करने और नालों को हर हाल में अतिक्रमणमुक्त रखने का निर्देश दिया गया है।

सभी सम्प हाउस और ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन (DPS) पर चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, डीजल पंपसेट और मोबाइल पंपसेट क्रियाशील रखने के आदेश दिए गए हैं।

नदियों से अवैध मिट्टी की कटाई रोकने के लिए डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों को लगातार छापेमारी (रेड) करने का निर्देश दिया है।

संभावित बाढ़ 2026: एक नजर में प्रशासनिक तैयारी
बैठक में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता इंतजामों का विवरण भी साझा किया गया।

मौसम और वर्षा मापन: जिले में वर्तमान में 26 वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं। इसके अलावा, पंचायतों में 322 स्वचालित वर्षामापी यंत्र (ARG) और 26 स्वचालित मौसम केंद्र क्रियाशील हैं। आम जनता जिले की वेबसाइट पर वेदर डैशबोर्ड के माध्यम से इन आंकड़ों को देख सकती है।

राहत और संसाधन: आपदा पीड़ित परिवारों को डिजिटल माध्यम (PFMS) से सीधे राहत राशि भेजने के लिए 1,50,067 लाभुकों की सूची आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। प्रशासन के पास 18,997 पॉलिथीन शीट्स, 543 लाइफ जैकेट और 204 प्रशिक्षित गोताखोर उपलब्ध हैं।

शरण स्थल और नावें: बाढ़ प्रभावितों के लिए 120 शरण स्थल और पशुओं के लिए 32 उच्च स्थल चिन्हित किए गए हैं। जलप्लावन वाले क्षेत्रों के लिए 219 निजी नावों के परिचालन का इकरारनामा हो चुका है।

NDRF/SDRF की तैनाती: SDRF की 01 टीम (12 बोट, 32 जवान) गायघाट, पटना सिटी में तैनात है। वहीं, NDRF की 02 टीमें (08 बोट) दीदारगंज बाजार समिति में रिजर्व रखी गई हैं।

शुद्ध पेयजल की व्यवस्था: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अंतर्गत कुल 51,000 चालू चापाकल हैं। चापाकल मरम्मत के लिए विशेष टीमें सभी प्रखंडों में काम कर रही हैं। वर्तमान में जिले में पानी का संकट नगण्य है और 33 टैंकर व 4 वाटर एटीएम कार्यरत हैं।

मेडिकल और पशु चिकित्सा टीमें एलर्ट पर

मानव चिकित्सा: सिविल सर्जन ने बताया कि जिला ड्रग स्टोर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 प्रकार की जीवन-रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कमजोर नवजात शिशुओं को चिन्हित कर लिया गया है और पीएचसी स्तर पर मोबाइल मेडिकल टीम का गठन किया गया है। ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन टैबलेट और लाइम पाउडर की उपलब्धता प्रखंडवार सुनिश्चित है।

पशु चिकित्सा: जिला पशुपालन पदाधिकारी के अनुसार, 55 पशु अस्पतालों में 44 प्रकार की आवश्यक दवाइयों का भंडारण किया गया है और 24 घंटे कार्यरत जिला स्तरीय बाढ़/सुखाड़ सहाय्य कोषांग का गठन हो चुका है।

हेल्पलाइन नंबर जारी: किसी भी समस्या पर तुरंत करें संपर्क
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बाढ़ और जल-जमाव से बचाव के लिए “क्या करें और क्या न करें” के दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन आवश्यकता या सूचना देने के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612 – 2210118
24*7 जिला नियंत्रण कक्ष: 0612 – 2219810 / 2219234
आपातकालीन सेवा: डायल 112

  • जल-जमाव (पटना नगर निगम टॉल-फ्री): 155304

चापाकल मरम्मत टॉल-फ्री नंबर: 18001231121
चापाकल मरम्मत (पूर्वी क्षेत्र): 0612 – 2225796
चापाकल मरम्मत (पश्चिमी क्षेत्र): 0612 – 2280879

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