पटना। बिहार के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कल देर शाम बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के 03, स्टैंड रोड स्थित सरकारी आवास पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल का आगमन हुआ। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका भव्य स्वागत व अभिनंदन किया।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी डिजिटल योजनाओं को गति देना था।
’एग्री-स्टैक’ और ‘किसान फार्मर आईडी’ पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों के बीच कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित एग्री-स्टैक (AgriStack) फार्मर रजिस्ट्री एवं किसान फार्मर आईडी निर्माण अभियान को लेकर व्यापक और विस्तृत चर्चा हुई।
दोनों विभागों ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि आपसी समन्वय के जरिए बिहार के अधिक से अधिक किसानों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा और इस अभियान को राज्य के कोने-कोने तक यानी जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
’डिजिटल इंडिया’ विजन से बदलेगी किसानों की तकदीर
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” विजन के सर्वथा अनुरूप है। इसके लागू होने से:
पारदर्शिता बढ़ेगी: कृषि क्षेत्र में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
सीधा लाभ: सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी देरी के किसानों के खातों तक पहुँचेगा।
डिजिटल पहचान: एग्री-स्टैक के माध्यम से हर किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी।
सरल प्रक्रिया: डिजिटल आईडी बनने से कृषि योजनाओं, सरकारी अनुदान (Subsidy) और अन्य सुविधाओं का लाभ बेहद सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।
सुशासन और तकनीक से साकार होगा “समृद्ध किसान — विकसित बिहार”
मुलाकात के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार की डबल इंजन वाली एनडीए (NDA) सरकार सुशासन, आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता के मंत्र पर काम कर रही है। सरकार का अंतिम लक्ष्य “समृद्ध किसान — विकसित बिहार” के संकल्प को पूरी तरह धरातल पर उतारना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस डिजिटल अभियान के माध्यम से बिहार का प्रत्येक किसान आने वाले समय में आधुनिक, आत्मनिर्भर और पूरी तरह सशक्त बनेगा।
