बिजली विभाग और पुल निर्माण निगम को दिए सख्त निर्देश
पटना नगर निगम क्षेत्र में मानसून के दौरान जलजमाव और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर आयुक्त ने शनिवार को मैदानी मोर्चा संभाला। आम जनता और निगम की टीमों से मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त ने चांदमारी रोड, बाकरगंज नाला, मीठापुर और विधानसभा परिसर सहित कई संवेदनशील इलाकों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को लापरवाही बरतने पर कड़े निर्देश दिए और कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
300 मीटर खुदी सड़क पर बरसे आयुक्त, रात तक गड्ढे भरने का अल्टीमेटम
चांदमारी रोड, तारकेश्वर पथ और लिंक रोड के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि बिजली का केबल बिछाने के लिए ठेकेदार (संवेदक) द्वारा लगभग 300 मीटर सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया है। मानसून में इससे बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए आयुक्त ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि शनिवार की रात तक ही सभी गड्ढों को भरकर सड़क को दोबारा आवागमन के योग्य बनाया जाए।
बाकरगंज नाले से रोज हटेगा कचरा, मीठापुर में बिछेगी 360 मीटर पाइपलाइन
- बाकरगंज नाला: बारिश के दौरान शहर में पानी न रुके, इसके लिए बाकरगंज नाले में पानी के बहाव की जांच की गई। नगर आयुक्त ने नाले में तैरते हुए कचरे (फ्लोटिंग वेस्ट) को हटाने के लिए एक विशेष टीम तैनात करने का निर्देश दिया, जो रोजाना सफाई करेगी।
- मीठापुर: यहाँ जलजमाव की पुरानी समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए बिहार पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता को वर्धमान लाइन में 130 मीटर और उसके सामने वाली लेन में 230 मीटर लंबी एचजीडी (HGD) पाइपलाइन बिछाने का काम तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया गया।
विधानसभा मानसून सत्र के लिए विशेष इंतजाम
आगामी विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए जलजमाव से निपटने की पुख्ता तैयारी की गई है। विधानसभा परिसर में आपातकालीन स्थिति के लिए सुपर सकर मशीन और पंप सेट तैनात रहेंगे। इसके अलावा, बुडको (BUIDCO) द्वारा परिसर में 83 एचपी (HP) क्षमता के हाई-पावर पंप भी लगाए गए हैं। आयुक्त ने परिसर की नियमित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को चौबीसों घंटे प्रभावी रखने पर जोर दिया।
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान पटना नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी, कंकड़बाग प्रमंडल और बिहार पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग के महाप्रबंधक समेत कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
