नई दिल्ली, 6 सितंबर। दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन (RK Puram) में आज दोपहर करीब 1:30 बजे एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह इमारत छात्रों के हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल हो रही थी, जिसमें देशभर से आए छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में पढ़ाई करने के लिए रह रहे थे।
हादसे के बाद देर शाम तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे से कुल 11 लोगों को निकाला जा सका है, जिनमें से 3 छात्रों की मौत हो गई है। बाकी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी भी कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
40 साल पुरानी इमारत, बेसमेंट में भरा था पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार यह इमारत लगभग 40 साल पुरानी थी। पिछले कुछ दिनों से इसके बेसमेंट में पानी भरा हुआ था, इसके बावजूद मकान मालिक द्वारा बेसमेंट में खुदाई का काम कराया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी लापरवाही के कारण इमारत की नींव कमजोर हुई और वह ढह गई।
एक बेड का किराया 12 हजार, मेस चार्ज अलग
हादसे में बाल-बाल बचे छात्रों ने बताया कि हॉस्टल के हर कमरे में दो बेड लगे थे और एक बेड का किराया 12,000 रुपये वसूला जा रहा था, जबकि खाने और मेस का चार्ज अलग से लिया जाता था। साउथ कैंपस के नजदीक होने के कारण मजबूरी में छात्र अधिक किराया देकर भी इसी इमारत में रहने को मजबूर थे।
यह इमारत दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के ठीक पास स्थित है, इसलिए इसमें ज्यादातर DU के छात्र ही रह रहे थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया घटनास्थल का दौरा
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए दोषी मकान मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
देर रात तक जारी है रेस्क्यू, पहुंचने लगे परिजन
स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें देर शाम तक मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने में जुटी रहीं। वहीं, इस हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे देर शाम से ही घटनास्थल पर पहुंचने लगे हैं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और बढ़ गई है।
प्रशासन ने मलबे वाले क्षेत्र को सील कर दिया है और आसपास की इमारतों को भी एहतियातन खाली कराया जा रहा है।
