पटना, 07 सितंबर 2026
गंगा के बढ़ते जलस्तर से घिरे पटना जिले में जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव में जुटा है। जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर सभी विभागों में बेहतर समन्वय के साथ लोगों की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और पशुधन की देखभाल तक हर मोर्चे पर काम तेज कर दिया गया है।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के शर्मा ने आज खुद गंगा के विभिन्न घाटों, बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पुनपुन में राहत कार्यों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, राहत शिविर में पीड़ितों के साथ बैठकर खाया खाना
189 नावों से जीवन रेखा कायम
बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षित आवाजाही, निकासी और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जिले में कुल 189 नावें सक्रिय हैं।
अथमलगोला में 8, बख्तियारपुर में 21, बाढ़ में 7, दानापुर में 26, मनेर में 27, पाटलिपुत्रा में 19, पुनपुन में 3, फतुहा में 37, दीदारगंज में 32, मोकामा में 6, पालीगंज में 1 और फुलवारीशरीफ में 2 नावें तैनात हैं।
संवेदनशील और अधिक आवाजाही वाले इलाकों में SDRF की 8 और SSB की 2 टीमें भी तैनात की गई हैं।

दियारा में वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए स्पेशल टीम
बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्रों में जंगली सूअर और अन्य वन्यजीवों के आबादी में आने के खतरे को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम दो रेस्क्यू वाहनों के साथ दियारा में तैनात है, जो लगातार निगरानी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित रेस्क्यू कर रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखने पर उसे छेड़ें नहीं, करीब न जाएं और तुरंत जिला प्रशासन या वन विभाग को सूचना दें।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच अलर्ट मोड पर पटना, प्रधान सचिव ने किया डीपीएस और गंगा घाटों का निरीक्षण
स्वास्थ्य मोर्चे पर 20 मेडिकल कैंप, 34 एंबुलेंस
लोगों को उनके नजदीक इलाज मिले, इसके लिए 20 मेडिकल कैंप सक्रिय किए गए हैं। आपात स्थिति के लिए 28 सामान्य एंबुलेंस और 6 बोट एंबुलेंस लगातार प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं। सामुदायिक रसोई केंद्रों के आसपास भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
34 सामुदायिक रसोई से हर घर तक भोजन
बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 34 कर दी गई है।
बाढ़ अंचल में 1, दानापुर में 1, पाटलिपुत्रा में 2, अथमलगोला में 1, बख्तियारपुर में 3, मोकामा में 8, मनेर में 2, संपतचक में 1, दीदारगंज में 4, फुलवारीशरीफ में 1, मसौढ़ी में 3, पुनपुन में 4 और नौबतपुर में 3 केंद्र चल रहे हैं।
PHED द्वारा स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय और नगर निगम द्वारा राहत केंद्रों में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है।
पटना में बाढ़ राहत कार्य युद्धस्तर पर, 25 सामुदायिक रसोइयों से 70 हजार लोगों को भोजन
पशुधन भी सुरक्षित
प्रशासन ने 15 पशु शिविर लगाए हैं, जहां अब तक 1000 क्विंटल से अधिक चारा वितरित किया जा चुका है और 1680 पशुओं का इलाज किया गया है। तात्कालिक जरूरत के लिए 6018 पॉलीथीन शीट्स भी बांटी गई हैं।
तटबंधों और सड़कों पर पैनी नजर
सभी तटबंधों की सतत निगरानी की जा रही है। जहां रिसाव या ओवरफ्लो की सूचना मिल रही है, वहां जल संसाधन विभाग तुरंत मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कर रहा है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की भी पानी उतरते ही मरम्मत कर आवागमन सामान्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि स्थिति की निरंतर समीक्षा हो रही है और जरूरत के अनुसार संसाधन लगातार बढ़ाए जाएंगे। जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर, तटबंधों और दियारा में वन्यजीवों की गतिविधि पर 24 घंटे नजर रख रहा है।
