पटना। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए किसी एक जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया। बिहार उनकी कर्मभूमि थी और उन्होंने हमेशा दबे-कुचले व पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। यह बातें बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने कहीं।
डॉ. चन्द्रवंशी शुक्रवार को ‘एजुकेशनल रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट संस्थान, पटना’ के तत्वावधान में आयोजित ‘व्याख्यानमाला-सह-सम्मान समारोह’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सिन्हा लाइब्रेरी के सामने स्थित बी.आई.ए. सभागार में स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था।

जयंती पर छुट्टी नहीं, हो वैचारिक व्याख्यान
अपने संबोधन में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि महापुरुषों की जयंती पर केवल छुट्टियां घोषित करने के बजाय विद्यालय और महाविद्यालयों में विशेष व्याख्यान आयोजित होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को स्वामी सहजानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूतियों के विचारों और उनके योगदान की गहरी जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्वामी सहजानंद सरस्वती को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग भी उठाई।
प्रख्यात हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पटना के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष विनोद शर्मा के साथ कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
आश्रिती शर्मा (सदस्या, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति)
डॉ. संजय कुमार (प्रख्यात समाचार विश्लेषक)
कौशलेंद्र नारायण सिंह (वरिष्ठ अधिवक्ता)
राजाराम सिंह (महासचिव, जदयू किसान एवं सहकार प्रकोष्ठ)
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन जनार्दन शर्मा ‘योगी’ द्वारा किया गया।

समाजसेवियों का हुआ सम्मान
व्याख्यानमाला के साथ-साथ इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले प्रबुद्ध लोगों को मुख्य अतिथि डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी द्वारा स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
