पटना: सावन महीने की पहली सोमवारी पर आज तड़के से ही पटना और आसपास के क्षेत्रों के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मंदिरों में ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गूंजते जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है।
श्रद्धालु भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि तथा परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। जरासंध काल में निर्मित एवं ऐतिहासिक श्रीगौरीशंकर मंदिर बैकुंठपुर सावन की पहली सोमवारी को हजारों की संख्या में भक्तों का हुजूम उमड़ा।
और गंगाजल से अभिषेक कर ॐ नमः शिवाय। जय भोले नाथ। बम बम भोले। के नारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
प्रशासनिक और मंदिर प्रबंधन कमिटी द्वारा मंदिर में साफ-सफाई, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। मंदिर परिसरों को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है।
मंदिर के पुजारी कुंदन पांडे के अनुसार सावन की पहली सोमवारी को एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और विशेष कतार की व्यवस्था की गई है।
मंदिर के बाहर एवं आंगन में दुकानें सज गई हैं जिसमें बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल और पुष्प जैसी पूजन सामग्री उपलब्ध है। स्थानीय पुलिस प्रशासन की तरफ से बैकुंठपुर गंगा घाट पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है।
शुभ संयोग: सुकर्मा योग और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
पुजारी कुंदन पांडे के अनुसार ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस बार सावन की पहली सोमवारी बेहद विशेष मानी जा रही है।
आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ दुर्लभ संयोग बन रहा है
जलाभिषेक मुहूर्त: पूरे दिन जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त बना रहेगा।
विशेष पूजन: शाम के समय मंदिरों में शिव-पार्वती का विशेष श्रृंगार पूजन आयोजित किया जाएगा।
सुहागिनों को मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
पुजारी कुंदन पांडे के अनुसार:
“सुहागन स्त्रियों को आज शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होगी। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा करने से चार गुना अधिक पुण्य फल मिलता है। आज के दिन महामृत्युंजय मंत्र, वेदोक्त मंत्र एवं गायत्री मंत्र के साथ रुद्राभिषेक करने के बाद उमा-महेश्वर का पूजन करने से सभी कष्ट दूर होते हैं।”
