Tuesday, September 8, 2026
HomeTop Storiesपटना में बाढ़ राहत कार्य युद्धस्तर पर, 25 सामुदायिक रसोइयों से 70...

पटना में बाढ़ राहत कार्य युद्धस्तर पर, 25 सामुदायिक रसोइयों से 70 हजार लोगों को भोजन

पटना, 06 सितंबर 2026

गंगा सहित पटना जिले से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद जिले के गंगा किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहां जैसी जरूरत हो, वहां तत्काल उसी के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

पटना में गंगा-पुनपुन उफान पर, BUDCO हाई अलर्ट पर – सभी बड़े DPS पर 24×7 निगरानी

25 सामुदायिक रसोई केंद्रों से 70 हजार से अधिक लोगों ने किया भोजन

प्रशासन द्वारा जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में पूरे जिले में कुल 25 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां अब तक 70 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को भोजन कराया जा चुका है।

इनमें बाढ़ अंचल में 1, दानापुर में 1, पाटलिपुत्रा में 2, अथमलगोला में 1, बख्तियारपुर में 3, मोकामा में 8, मनेर में 2, संपतचक में 1, दीदारगंज में 3, फुलवारीशरीफ में 1 और पुनपुन में 1 केंद्र शामिल है। सभी केंद्रों के आसपास मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

रेड अलर्ट और गंगा के उफान के बीच एक्शन में पटना नगर निगम, आयुक्त यशपाल मीणा ने किया संवेदनशील इलाकों का दौरा

20 मेडिकल कैंप, 28 एम्बुलेंस और 6 बोट एम्बुलेंस तैनात

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सामुदायिक रसोई केंद्रों के पास 20 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए 28 एम्बुलेंस और 6 बोट एम्बुलेंस तैनात की गई हैं, जो बाढ़ वाले इलाकों में घूम-घूम कर लोगों को इलाज मुहैया करा रही हैं।

सभी कैंपों में जीवनरक्षक दवाओं के साथ सर्पदंश और कुत्ता काटने की दवाएं भी उपलब्ध हैं। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की निगरानी स्वयं सिविल सर्जन कर रहे हैं।

पीएचईडी द्वारा स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है, जबकि नगर निगम द्वारा सभी केंद्रों पर नियमित साफ-सफाई कराई जा रही है।

पशुओं के लिए 15 शिविर, 3 हजार पॉलीथीन शीट वितरित

बाढ़ में फंसे पशुओं की सुरक्षा के लिए 15 पशु शिविर लगाए गए हैं, जहां चारा और इलाज की समुचित व्यवस्था है। वहीं प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 3,000 पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है।

तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, 166 नावें तैनात

जहां-जहां तटबंधों में रिसाव या ओवरफ्लो की सूचना मिली है, वहां जल संसाधन विभाग की टीम तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कर रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों की भी जलस्तर घटते ही मरम्मत की जाएगी।

लोगों के सुरक्षित आवागमन और निकासी के लिए जिले में कुल 166 नौकाएं तैनात की गई हैं।

अथमलगोला में 7, बख्तियारपुर में 21, बाढ़ में 8, दानापुर में 25, मनेर में 25, पाटलिपुत्रा में 19, पुनपुन में 3, फतुहा में 30, दीदारगंज में 18, मोकामा में 6, पालीगंज में 2 और फुलवारीशरीफ में 2 नावें काम कर रही हैं। इसके अलावा एसडीआरएफ की 8 टीमें और एसएसबी की 2 टीमें संवेदनशील और अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में तैनात हैं।

जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, जिला प्रशासन हर समय उनकी मदद के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और राहत संसाधनों का उपयोग करने की अपील की है।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे