पटना। बिहार में जमीन की मापी, दाखिल-खारिज और जमाबंदी में सुधार जैसे राजस्व कार्यों को लेकर अब कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य में राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है।
आगामी 25 मई से लेकर 11 जून तक राज्य के सभी जिलों की प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए गहन समीक्षा की जाएगी। खास बात यह है कि इस महा-अभियान के तहत जिलों की मॉनिटरिंग खुद विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल करेंगे।
विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी पत्र के अनुसार, हर कार्य दिवस पर तीन अलग-अलग सत्रों (पालियों) में तीन जिलों की समीक्षा होगी। बैठकों का यह दौर शाम 4 बजे से शुरू होकर रात 7 बजे तक चलेगा (पहली पाली: 4-5 बजे, दूसरी पाली: 5-6 बजे और तीसरी पाली: 6-7 बजे)।
डीएम खुद रहेंगे मौजूद, लापरवाही पर कसेगा शिकंजा
विभाग ने साफ कर दिया है कि इस समीक्षा बैठक को बेहद गंभीरता से लिया जाए। सभी जिलाधिकारियों (DM) को खुद इस बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। उनके साथ बंदोबस्त पदाधिकारी, अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता (DCLR), अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की बिल्कुल अद्यतन (अपडेटेड) रिपोर्ट के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
इन 5 बड़े एजेंडों पर टिकी रहेगी नजर
इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक में आम जनता से जुड़े इन प्रमुख कार्यों की प्रगति जांची जाएगी:
दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस: ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लंबित मामलों का निपटारा और ‘परिमार्जन प्लस’ के तहत डिजिटाइज जमाबंदी में सुधार।
ई-मापी और अभियान बसेरा: जमीन की ऑनलाइन मापी (ई-मापी) की स्थिति और भूमिहीनों के लिए चल रहे ‘अभियान बसेरा’ की प्रगति।
अतिक्रमण और जन शिकायत: सरकारी व लोक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और विभागीय जन शिकायत पोर्टल पर आए आवेदनों का निपटारा।
राजस्व महा-अभियान: अभियान के तहत मिले आवेदनों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड करने की रफ्तार।
सहयोग शिविर: सहयोग शिविरों में आए आवेदनों और फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की वर्तमान स्थिति।
“इस दैनिक मॉनिटरिंग व्यवस्था का सीधा उद्देश्य जिलों में अटके मामलों को तेजी से निपटाना और डिजिटल सेवाओं में सुधार करना है, ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें राजस्व सेवाओं का लाभ तुरंत मिल सके।” डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंत्री (राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग)
पूरा शेड्यूल: जानिए आपके जिले की बारी कब है?
समीक्षा बैठकें 25 मई से शुरू होकर 11 जून तक चलेंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से किसी दिन की बैठक टलती है, तो उस जिले की समीक्षा 11 जून के बाद की जाएगी।
तारीख समीक्षा वाले जिले
25 मई पश्चिम चंपारण, सहरसा, वैशाली |
26 मई कटिहार, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज |
27 मई सुपौल, रोहतास, पटना |
29 मई गया, जहानाबाद, औरंगाबाद |
01 जून शिवहर, सिवान, बेगूसराय |
02 जून अररिया, लखीसराय, जमुई |
03 जून सारण, नवादा, भागलपुर |
04 जून मुजफ्फरपुर, बक्सर, बांका |
05 जून भोजपुर, मधेपुरा, अरवल |
08 जून मुंगेर, पूर्णिया, कैमूर |
09 जून नालंदा, खगड़िया, समस्तीपुर |
10 जून मधुबनी, किशनगंज, सीतामढ़ी |
11 जून दरभंगा, शेखपुरा |
