मुख्य आकर्षण:
स्थान: प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री गौरीशंकर बैकुंठधाम मंदिर, बैकठपुर (खुसरूपुर)।
मुख्य यज्ञाचार्य: सुप्रसिद्ध विद्वान कमलेश जोशी।
आयोजिका: सुलेखा सिंह (उपाध्यक्ष, मंदिर न्यास समिति एवं पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की धर्मपत्नी)।
विशेष आयोजन: 9 जुलाई को मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा, महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा।
खुसरूपुर (पटना)।
विष्णु नारायण चौबे
प्रखंड के ऐतिहासिक और त्रेतायुगीन आस्था के केंद्र श्री गौरीशंकर बैकुंठधाम मंदिर परिसर में प्रभु श्रीराम दरबार एवं अन्य देव विग्रहों (मूर्तियों) की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर मंगलवार को भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। चार दिवसीय महाअनुष्ठान के पहले दिन गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अत्यंत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
गंगाजल से भरे कलश, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
कलश यात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजी सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर प्रांगण से शुरू होकर यह यात्रा पूरे गांव का भ्रमण करते हुए पवित्र गंगा तट पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा वैदिक रीति से गंगा पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र जल भरा और पुनः मंदिर गर्भगृह पहुंचे। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस महाअनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए देश के कोने-कोने से आए प्रख्यात वैदिक मनीषी और आचार्य जुटे हैं।
चार दिनों तक अध्यात्म के रंग में डूबेगा क्षेत्र: सुलेखा सिंह
समारोह की मुख्य आयोजिका और मंदिर न्यास समिति की उपाध्यक्ष सुलेखा सिंह (पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की धर्मपत्नी) ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति के लिए संकल्पित है। उन्होंने आगामी दिनों के कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए कहा:
7 जुलाई (मंगलवार): भव्य कलश यात्रा, श्री गणेश पूजन, मंडल पूजन, जलाधिवास और धान्याधिवास।
8 जुलाई (बुधवार): विशेष हवन, पुष्पाधिवास, फलाधिवास, स्नपन महाअभिषेक और शय्याधिवास।
9 जुलाई (गुरुवार): गणपति आदि देवताओं का पूजन, विग्रहों की नगर परिक्रमा, अंतिम रूप से मूर्तियों की स्थापना, महाआरती और महायज्ञ की पूर्णाहुति। इसके पश्चात विशाल भंडारा (महाप्रसाद) का वितरण किया जाएगा।
इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका
इस महापर्व में मुख्य यजमान के रूप में कुंदन पांडे, पप्पू झा और अशोक यादव ने सपरिवार सपत्नीक वैदिक मंडप में बैठकर पूजा-अर्चना का संकल्प लिया।
वहीं, आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में मुख्य कार्यकर्ता सुधांशु पांडेय, सुभाष कुमार उर्फ कल्लू जी, विकास पांडेय, शुभम तिवारी, चंदन बाबा सहित मंदिर कमेटी और स्थानीय ग्रामीणों की पूरी टीम दिन-रात सेवा भाव से जुटी हुई है। मंदिर प्रबंधन ने तमाम सनातनी श्रद्धालुओं से इस अलौकिक और ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने की अपील की है।
