Monday, July 6, 2026
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पटना में मानसून को लेकर हाई-लेवल मीटिंग: बिना अनुमति सड़क खोदी तो खैर नहीं

जलजमाव पर कंट्रोल रूम से 24×7 निगरानी

पटना, 6 जुलाई (2026): राजधानी पटना में आगामी मानसून के दौरान जलजमाव (Waterlogging) की समस्या से निपटने और नागरिक सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मौर्य लोक परिसर के मौर्य मंडपम में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव-सह-बुडको के प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष पराशर और पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने संयुक्त रूप से की।

​बैठक में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों और इंजीनियरों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए गए।

खुले मैनहोल और गड्ढों पर लगेगी बैरिकेडिंग

​बैठक में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए निर्देश दिया गया कि शहर में जहां कहीं भी खुले गड्ढे, नाले या मैनहोल हैं, वहां तत्काल प्रभाव से लाल झंडे लगाए जाएं या मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भारी बारिश के दौरान कोई अप्रिय दुर्घटना न हो। इसके साथ ही साफ तौर पर चेतावनी दी गई कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना शहर में कहीं भी सड़कों की खुदाई नहीं की जाएगी।

सभी संप हाउस का होगा गहन निरीक्षण

​बुडको के प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष पराशर ने कहा कि पिछले दिनों दोनों विभागों द्वारा जमीन पर किए गए साझा प्रयासों के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल निकासी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सभी संप हाउस (Sump Houses) का तुरंत बारीकी से निरीक्षण किया जाए। वहां लगे पंपों, मशीनों, इनलेट और आउटलेट की तकनीकी स्थिति जांची जाए और जरूरत के मुताबिक मरम्मत का काम प्राथमिकता पर पूरा हो।

सफाई निरीक्षकों का 24×7 फील्ड मूवमेंट, दो पालियों में कचरा उठाव

​पटना के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने सभी सफाई निरीक्षकों (Sanitation Inspectors) को अगले आदेश तक अपने-अपने वार्डों में लगातार कैंप करने का आदेश दिया है। उनके 24 घंटे फील्ड मूवमेंट के लिए वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बारिश शुरू होते ही वे तुरंत एक्शन में आ सकें। इसके अलावा, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण (Garbage Collection) का काम अब दोनों पालियों (Two Shifts) में नियमित रूप से चलेगा ताकि नालों में कचरा न फंसे।

कंट्रोल रूम और QRT संभालेंगी कमान

​जलजमाव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम को तीन पालियों (Shifts) में 24 घंटे एक्टिव रखा जाएगा। इसमें स्वच्छता पदाधिकारियों और नगर प्रबंधकों की रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। यह कंट्रोल रूम क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), इंजीनियरों और सफाईकर्मियों की लाइव लोकेशन और काम की मॉनिटरिंग करेगा।

सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर होगी FIR

​बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना किसी बाहरी या अनैतिक दबाव के निष्पक्ष काम करने की छूट दी गई है। सख्त लहजे में कहा गया कि यदि कोई भी व्यक्ति जल निकासी या सफाई के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग तेज

​जलजमाव के साथ-साथ मानसून जनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया आदि) की रोकथाम को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए पूरे पटना शहर में दो पालियों में नियमित रूप से फॉगिंग और एंटी-लार्वा रसायनों के छिड़काव का निर्देश जारी किया गया है।

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