Thursday, July 9, 2026
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महा-आक्रोश मार्च पर आचार संहिता का ब्रेक: बिहार में 15 जुलाई का विधानसभा और आंगनबाड़ी कर्मियों का महाप्रदर्शन स्थगित

बिहार में अचानक बदले राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के बाद राजधानी पटना में होने वाले दो बड़े आंदोलनों की रूपरेखा बदल गई है। आगामी 15 जुलाई 2026 को बिहार विधानसभा के समक्ष होने वाले विभिन्न जन संगठनों के 'महा-आक्रोश मार्च' के साथ-साथ बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष किए जाने वाले विशाल प्रदर्शन को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब ये दोनों ही ऐतिहासिक आंदोलन पूरी ताकत और जोश के साथ आगामी 18 सितंबर 2026 को पटना की धरती पर आयोजित किए जाएंगे।

अब इस नई तारीख को पटना में गूंजेगी हुंकार

पटना:

बिहार में अचानक बदले राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के बाद राजधानी पटना में होने वाले दो बड़े आंदोलनों की रूपरेखा बदल गई है। आगामी 15 जुलाई 2026 को बिहार विधानसभा के समक्ष होने वाले विभिन्न जन संगठनों के ‘महा-आक्रोश मार्च’ के साथ-साथ बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष किए जाने वाले विशाल प्रदर्शन को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब ये दोनों ही ऐतिहासिक आंदोलन पूरी ताकत और जोश के साथ आगामी 18 सितंबर 2026 को पटना की धरती पर आयोजित किए जाएंगे।

​आंगनबाड़ी कर्मियों का दावा: नई तारीख पर लाखों की संख्या में जुटेंगे कर्मी

​बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के बिहार राज्य महासचिव कुमार बिंदेश्वर सिंह ने बताया कि पूर्व में 15 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों को लेकर एक विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए राज्य के सभी जिलों, परियोजना कमेटियों के अध्यक्षों, महासचिवों और नेतृत्वकर्ताओं से लाखों की संख्या में पटना पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई थी।

​महासचिव कुमार बिंदेश्वर सिंह ने साफ किया है कि आंदोलन को खत्म नहीं बल्कि कुछ समय के लिए टाला गया है। उन्होंने पूरी प्रतिबद्धता के साथ दावा किया कि आगामी 18 सितंबर 2026 को यह आंदोलन पूरे जोश और दोगुनी ताकत के साथ किया जाएगा, जिसमें राज्यभर की आंगनबाड़ी सेविकाएं-सहायिकाएं रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पटना कूच करेंगी।

​क्यों टली 15 जुलाई की तारीख? (ये हैं दो मुख्य कारण)

​इस आंदोलन को स्थगित करने के पीछे अचानक पैदा हुई प्रशासनिक और संवैधानिक परिस्थितियां हैं:

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा: पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव कराने की घोषणा निर्वाचन आयोग द्वारा की जा चुकी है। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही पूरे क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) प्रभावी हो गई है। आचार संहिता लागू रहने के दौरान किसी भी प्रकार के बड़े जुलूस, प्रदर्शन या भारी भीड़ जुटाने पर कानूनी रोक लग जाती है।

विधानसभा सत्र की तारीख में बदलाव: बिहार विधानसभा का आगामी मॉनसून सत्र अब 20 जुलाई से प्रारंभ करने की अधिसूचना जारी की गई है।

​जनशक्ति परिसर में आपात बैठक में लिया गया फैसला

​इन नई परिस्थितियों पर गहन मंथन करने के लिए बीती 7 जुलाई 2026 को पटना के जनशक्ति परिसर में सभी जन संगठनों के पदाधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई गई थी। खेत मजदूर यूनियन के महासचिव कॉमरेड जानकी पासवान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एटक (AITUC) और अन्य सहयोगी संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आचार संहिता के नियमों और कानूनी बाध्यताओं को देखते हुए 15 जुलाई के प्रस्तावित विधानसभा मार्च को स्थगित कर इसे 18 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाए।

​एटक महासचिव अजय कुमार ने जारी किया सर्कुलर

​इस संबंध में बिहार राज्य कमिटी, एटक (AITUC) के महासचिव अजय कुमार ने सबसे पहले अपनी सभी जिला कमिटियों, यूनियनों, कार्यकारिणी और सामान्य परिषद के सदस्यों को सर्कुलर जारी कर दिया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि पूर्व में 2 जुलाई की बैठक में जिस तरह इस मार्च को सफल बनाने का संकल्प लिया गया था, ठीक वैसी ही तैयारी अब 18 सितंबर के लिए नए सिरे से जमीनी स्तर पर शुरू कर दी जाए।

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