पटना, 22 मई 2026: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को सूखाड़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है कि सुल्तानगंज के पास गंगा नदी के पानी को बाढ़ की अवधि (जुलाई से अक्टूबर) के दौरान लिफ्ट (उद्वह) कर बदुआ और खड़गपुर जलाशयों में भंडारित किया जाए। इसके साथ ही, गंगा के इस पानी को बांका जिला के फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों तक भी पहुँचाया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना से बांका, भागलपुर और मुंगेर जिलों के किसानों को सिंचाई कार्य में बहुत बड़ी सहूलियत मिलने जा रही है।
क्यों पड़ी इस योजना की जरूरत? (संकट और समाधान)
जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के कारण दक्षिण बिहार के पारंपरिक जलाशयों में पानी का संकट लगातार बढ़ रहा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
बदुआ जलाशय (बांका): जल भंडारण क्षमता में 39.78% की कमी आई है।
खड़गपुर जलाशय (मुंगेर): जल भंडारण क्षमता में 69.59% की भारी कमी दर्ज की गई है।
सिंचाई का अंतर: इन दोनों जलाशयों से कुल 51,160 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य (रूपांकित लक्ष्य) तय था, लेकिन पानी की कमी के कारण महज 19,136 हेक्टेयर में ही सिंचाई हो पा रही थी। इसी संकट को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने गंगा के अधिशेष (सरप्लस) पानी को इन जलाशयों में मोड़ने का ब्लूप्रिंट तैयार कराया है।
₹1,866.11 करोड़ की मुख्य योजना और उसका असर
सुल्तानगंज के पास से गंगा जल को उठाकर बदुआ और खड़गपुर जलाशयों में भरने की मुख्य योजना 1,866.11 करोड़ रुपये की लागत से चलाई जा रही है। इस योजना के पूरा होने से सिंचाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा:
बदुआ जलाशय से लाभ: बांका, भागलपुर और मुंगेर जिलों के कुल 45,850 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुनिश्चित होगी।
खड़गपुर जलाशय से लाभ: मुंगेर जिले के 5,310 हेक्टेयर क्षेत्र को पर्याप्त पानी मिलेगा।
फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी के लिए ₹174.52 करोड़ का नया विस्तार
मुख्यमंत्री के नए निर्देश के बाद अब इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। बिजीखोरवा सिंचाई कॉलोनी में बन रहे डिटेंशन टैंक से 3 शक्तिशाली मोटर पंपों की मदद से 15.02 मिलियन क्यूबिक मीटर जल को लिफ्ट किया जाएगा।
पाइपलाइन का जाल: इसके लिए 0.90 मीटर व्यास की 26 किलोमीटर लंबी और 0.50 मीटर व्यास की 1.15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
लागत: इस विस्तार योजना पर ₹174.5208 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
फायदा: इससे बांका जिले के फुल्लीडूमर और अमरपुर प्रखंड के निर्धारित कमांड एरिया के 4,204 हेक्टेयर खेतों में 100% (शत-प्रतिशत) सिंचाई सुविधा मिलने लगेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जल संसाधन विभाग को इन सभी योजनाओं को युद्ध स्तर पर और बेहद शीघ्र पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है ताकि आने वाले समय में किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके और खेतों तक पानी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
