पटना, 20 अप्रैल 2026: देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए ‘जनगणना 2027’ का बिगुल बज चुका है। पटना के जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी त्यागराजन एसएम ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक में नागरिकों से अपील की है कि वे इस बार डिजिटल जनगणना का हिस्सा बनें और 1 मई तक ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण (मकान सूचीकरण एवं आवास गणना) 2 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा। लेकिन इससे पहले नागरिकों को 15 दिनों की विशेष सुविधा दी गई है। 17 अप्रैल से शुरू हुई यह स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई तक उपलब्ध है। नागरिक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के पोर्टल पर जाकर स्वयं अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
इस बार की जनगणना कई मायनों में विशिष्ट है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह देश की पहली ऐसी जनगणना है जहां आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों के माध्यम से होगा। प्रगणक (Enumerators) किसी कागजी फॉर्म के बजाय अपने स्मार्टफोन पर एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे।
जनगणना को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पटना जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है:
कुल कर्मी: जिले में 12,071 प्रगणक, 2,031 पर्यवेक्षक और 222 फील्ड ट्रेनर तैनात किए गए हैं।
इकाइयां: जिले को कुल 46 चार्ज में बांटा गया है, जिसमें 23 प्रखंड, पटना नगर निगम के 6 अंचल, नगर परिषद और दानापुर छावनी परिषद शामिल हैं।
निगरानी: कार्यों के त्वरित निष्पादन के लिए 13-सदस्यीय ‘जिला-स्तरीय जनगणना समन्वय समिति’ (DLCCC) और जिला जनगणना कोषांग सक्रिय हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं, बल्कि केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने जीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायती राज जैसे विभिन्न विभागों को निर्देश दिया है कि वे ‘मिशन मोड’ में लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें।
जिलाधिकारी की अपील: > “जनगणना हमारे समृद्ध लोकतंत्र का आधार है। जब भी प्रगणक आपके घर आएं, उन्हें सटीक जानकारी दें। आपकी सहभागिता ही देश के विकास की सही दिशा तय करेगी।”
