Thursday, April 16, 2026
HomeTop Storiesपटना में बंद हुई AC सिटी बसें: उमस भरे मौसम में यात्रियों...

पटना में बंद हुई AC सिटी बसें: उमस भरे मौसम में यात्रियों का गुस्सा, सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल

पटना। राजधानी पटना में पिछले वर्ष जिन AC सिटी बसों ने यात्रियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी थी, वे इस वर्ष सड़कों से लगभग गायब हैं। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा पहले शहर के कई प्रमुख रूटों पर संचालित ये एयर कंडीशंड बसें अब मुख्यतः लंबी दूरी की यात्रा—जैसे पटना से दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल—के लिए उपयोग में लाई जा रही हैं। ऐसे में स्थानीय यात्रियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

पिछले साल पटना के गांधी मैदान, कंकड़बाग, दानापुर, बाइपास और AIIMS जैसे व्यस्त रूटों पर AC बसों की शुरुआत को लोगों ने काफी सराहा था। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह सेवा बड़ी राहत बनकर आई थी। लेकिन इस वर्ष जैसे ही गर्मी और उमस ने दस्तक दी, यात्रियों को फिर से पुरानी व्यवस्था—भीड़भाड़ और गैर-एसी बसों—का सहारा लेना पड़ रहा है।

यात्रियों का कहना है कि जब सरकार शहर में आधुनिक परिवहन सुविधा देने की बात करती है, तो फिर इस तरह की सेवाओं को स्थायी क्यों नहीं बनाया गया। कई लोगों का आरोप है कि सरकार ने शहरी जरूरतों को नजरअंदाज कर बसों को राजस्व कमाने वाले लंबी दूरी के रूटों पर शिफ्ट कर दिया है।

दूसरी ओर, परिवहन विभाग के सूत्रों का तर्क है कि AC बसों का परिचालन लागत अधिक है और शहर के अंदर किराया संरचना उस लागत को संतुलित नहीं कर पाती। इसलिए इन बसों को इंटरसिटी रूट पर चलाना ज्यादा व्यावहारिक माना गया है। साथ ही सरकार PPP मॉडल के तहत नई AC बसें लाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में शहर को फिर से यह सुविधा मिल सके।

लेकिन सवाल यह है कि जब तक नई बसें नहीं आतीं, तब तक पटना के लाखों दैनिक यात्रियों को उमस भरी गर्मी में राहत कौन देगा? क्या सरकार अस्थायी तौर पर ही सही, AC बसों को फिर से सिटी रूट पर नहीं चला सकती?

राजधानी के यात्रियों की मांग साफ है—सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि ज़मीन पर ठोस और स्थायी समाधान चाहिए। वरना “स्मार्ट सिटी” की परिकल्पना केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे