Tuesday, April 14, 2026
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बिहार में ‘नीतीश युग’ का समापन: सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री, बुधवार को सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण

10 बार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, कार्यकाल के 145वें दिन छोड़ी सत्ता

भाजपा प्रदेश कार्यालय में सर्वसम्मति से चुने गए सम्राट चौधरी; पहली बार भाजपा के पास होगी राज्य की कमान

लव-कुश समीकरण और विरासत ने सम्राट को दिलाई ये कुर्सी; जदयू से निशांत बन सकते हैं डिप्टी सीएम

पटना, 14 अप्रैल 2026। बिहार की राजनीति में आज एक बड़े अध्याय का अंत और नए युग का सूत्रपात हुआ है। राज्य के दिग्गज नेता नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया, जिसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और निवर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सम्राट चौधरी बिहार के पहले ‘भाजपाई’ मुख्यमंत्री के रूप में बुधवार सुबह 11 बजे शपथ लेंगे।

भावुक क्षण

इस्तीफा देने से पहले मुख्य सचिवालय में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई। लगभग 30 मिनट चली इस बैठक में नीतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा:
“2005 में मैं सरकार में आया… जहां तक मुझसे हो सका, मैंने राज्य के लिए किया। नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।”

बैठक के बाद नीतीश कुमार ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाई और सीधे राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हुसैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

भाजपा का मास्टरस्ट्रोक: क्यों सम्राट बने पहली पसंद?

शकुनी चौधरी की राजनीतिक विरासत को संभालने वाले सम्राट चौधरी ने महज 8 वर्षों में भाजपा के भीतर अपनी खास जगह बनाई है। उनकी ताजपोशी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे:

लव-कुश समीकरण: नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में कोइरी-कुर्मी वोटों को साधने के लिए सम्राट सबसे मजबूत चेहरा बनकर उभरे।

लालू-तेजस्वी की जोड़ी के खिलाफ एक आक्रामक और युवा चेहरे के रूप में भाजपा ने हमेशा सम्राट को आगे रखा

दोनों सदनों के सदस्य रहने के साथ-साथ वे सबसे कम उम्र के मंत्री भी रहे हैं।

नीतीश का भरोसा: राजनीतिक विरोध के बावजूद नीतीश कुमार के साथ उनके मधुर संबंध भी इस सत्ता हस्तांतरण में सहायक सिद्ध हुए।

भाजपा के अटल सभागार में केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की मौजूदगी में सम्राट को पहले भाजपा विधानमंडल दल का नेता चुना गया। इसके बाद भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के संयुक्त राजग विधायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें अपना नेता स्वीकार किया।

राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया गया है। बुधवार सुबह 11 बजे लोकभवन में आयोजित समारोह में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, जदयू की ओर से निशांत कुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जिससे सत्ता में संतुलन बना रहे।

बिहार में 20 वर्षों से जारी ‘नीतीश युग’ के अंत के साथ ही अब राज्य की कमान पहली बार सीधे तौर पर भाजपा के हाथों में आ गई है, जिसे प्रदेश की राजनीति की एक नई ‘पटकथा’ माना जा रहा है।

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