Monday, September 14, 2026
Homeअपराधसाइबर धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' मामले में बड़ी कार्रवाई: वैशाली से एयरटेल...

साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में बड़ी कार्रवाई: वैशाली से एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार

CBI ने 10 ठिकानों पर की छापेमारी

नई दिल्ली / पटना — केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराध और अवैध ‘सिम बॉक्स’ (SIM Box) गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के वैशाली (महुआ) से एयरटेल के एक एरिया डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी तरीके से सैकड़ों सिम कार्ड जारी कर उन्हें साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराने का आरोप है।

​CBI की टीमों ने बिहार के वैशाली और ओडिशा के जगसिंहपुर जिले में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी कर लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में अवैध सिम कार्ड सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

पटना में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को मिलेगी रफ्तार, 300 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर विशेष फोकस

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम

यह मामला पिछले साल बिहार के सुपौल जिले में पकड़े गए एक अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क से जुड़ा है, जहां एक ही जगह से 1,300 से अधिक सिम कार्ड बरामद हुए थे। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस सिम बॉक्स का इस्तेमाल देशभर के कम से कम 73 साइबर अपराध मामलों में किया गया था, जिनमें चर्चित ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के जरिए लोगों से रंगदारी वसूलने के मामले भी शामिल हैं।

​जांच के दौरान पाया गया कि गिरफ्तार डिस्ट्रीब्यूटर ने वैशाली जिले के 12 से अधिक ‘पॉइंट ऑफ सेल’ (PoS) की क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर 700 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड जारी किए थे। आम नागरिकों को झांसा देकर एक ही e-KYC प्रक्रिया के दौरान multiple biometric स्कैन करवा लिए जाते थे या उनके बायोमेट्रिक डेटा का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम पर धोखे से सिम एक्टिवेट कर लिए जाते थे।

पटना नगर निगम की बड़ी पहल: विश्व बैंक के सहयोग से बनेंगे तीन आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

कानूनी कार्रवाई और CBI की चेतावनी

बिहार सरकार द्वारा मामला हस्तांतरित किए जाने के बाद CBI इस केस की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी के साथ-साथ आईटी एक्ट और टेलीकम्यूनिकेशन एक्ट 2022 की धाराओं में कर रही है।

​CBI ने आम जनता को सतर्क करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। एजेंसी ने अपील की है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस/CBI/ED) के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल्स, पैसों की मांग या ऑनलाइन निवेश के नाम पर किए जाने वाले दावों के झांसे में न आएं।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे