पटना, 10 सितंबर 2026
पटना नगर निगम की कार्यशैली की एक और बड़ी सफलता सामने आई है। शहर को व्यवस्थित, आधुनिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत पटना में तीन अत्याधुनिक बहुमंजिली कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए विश्व बैंक वित्तीय सहायता देगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आर्य कुमार रोड, खेतान मार्केट और एएन कॉलेज पानी टंकी के पास आधुनिक वाणिज्यिक परिसर बनाए जाने का प्रस्ताव है।
इसी कड़ी में गुरुवार को विश्व बैंक की टीम ने एएन कॉलेज पानी टंकी के समीप प्रस्तावित स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद टीम ने पटना नगर आयुक्त यशपाल मीणा के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में परियोजना के स्वरूप, भूमि की उपलब्धता, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, व्यावसायिक उपयोगिता और इसके सामाजिक-आर्थिक लाभों पर गहन चर्चा हुई।
पाटलिपुत्र अंचल को मिलेगा नया बिजनेस हब
एएन कॉलेज पानी टंकी के पास नगर निगम की लगभग 3 एकड़ अतिक्रमणमुक्त भूमि पर यह कॉम्प्लेक्स पाटलिपुत्र अंचल के लिए एक प्रमुख आधुनिक वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। यह परियोजना न केवल शहर को एक नया स्काईलाइन देगी, बल्कि हजारों छोटे-बड़े व्यवसायियों के लिए व्यवस्थित व्यापार का अवसर भी पैदा करेगी।
प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में व्यवस्थित दुकानें, रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट, डाइनिंग एरिया, आधुनिक कार्यालय और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा होगी।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा परिसर
इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। इसमें –
• बेसमेंट पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर
• 24×7 पावर बैकअप और सेंट्रलाइज्ड HVAC सिस्टम
• आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली, CCTV और एक्सेस कंट्रोल
• रूफटॉप सोलर पावर प्लांट और रेनवाटर हार्वेस्टिंग
• लैंडस्केपिंग, सार्वजनिक खुले स्थान और फूड कोर्ट
• दिव्यांगजनों के लिए रैंप और विशेष शौचालय सहित
Universal Accessibility
जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नगर आयुक्त की दूरदर्शी सोच का परिणाम
यह पूरी परियोजना पटना नगर निगम की सुदृढ़ कार्यशैली और आयुक्त यशपाल मीणा के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है। अतिक्रमणमुक्त भूमि को चिन्हित कर उसे राजस्व सृजन और जन-सुविधा के केंद्र में बदलने का यह मॉडल पूरे बिहार के लिए एक मिसाल बनेगा।
इस परियोजना से न केवल नगर निगम के राजस्व आधार में भारी वृद्धि होगी, बल्कि शहर में व्यवस्थित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जाम की समस्या से निजात मिलेगी और पटना स्मार्ट सिटी के सपने को नई गति मिलेगी।
