Monday, September 14, 2026
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बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन का पूर्णिया जिला सम्मेलन संपन्न, सरकारी कर्मचारी के दर्जे और सम्मानजनक मानदेय की मांग तेज

पूर्णिया, 13 सितंबर 2026

बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) की पूर्णिया जिला इकाई का तृतीय जिला सम्मेलन रविवार को राजस्थान सेवा सदन, पूर्णिया में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता अध्यक्ष मंडली के रूप में निवर्तमान अध्यक्ष अंजू सिंह कुशवाहा, निवर्तमान महासचिव सुनील कुमार सिंह एवं पिंकी कुमारी ने की, जबकि संचालन एटक के जिला महासचिव कपिलदेव कुँअर ने किया।

सम्मेलन का उद्घाटन ऑल इंडिया आंगनबाड़ी वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधान पार्षद उषा सहनी ने किया। पूर्णिया जिला अध्यक्ष अंजू सिंह कुशवाहा, महासचिव सुनील कुमार सिंह एवं जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का अंगवस्त्र और फूल-मालाओं से स्वागत किया।

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50 साल बाद भी सरकारी दर्जा नहीं, यह दुर्भाग्यपूर्ण – उषा सहनी

उद्घाटन भाषण में राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा सहनी ने कहा कि आईसीडीएस परियोजना को 50 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन आज तक सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है, न ही सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

उन्होंने कहा, “जब तक हम एक होकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक अपने हक से वंचित रहेंगे। हमें लंबी लड़ाई लड़नी है। जिस दिन पूरे देश में एक साथ हड़ताल होगी, उस दिन सरकार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए बाध्य हो जाएगी। देशव्यापी हड़ताल की तैयारी की जा रही है। संगठित रहेंगे तभी निर्णायक लड़ाई हो सकती है।”
निर्णायक लड़ाई की ओर बढ़ रहा है।

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यूनियन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने कहा कि 50 वर्षों में भी आंगनबाड़ी कर्मी न्यूनतम मजदूरी तक नहीं पहुँच पाई हैं। उन्होंने मांग की कि जब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेविका को 26,000 रुपये और सहायिका को 18,000 रुपये मानदेय दिया जाए। उन्होंने कहा कि संघर्ष से कई उपलब्धियां मिली हैं और अब यूनियन निर्णायक लड़ाई की ओर बढ़ रहा है।

प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि यह संक्रमण का दौर है और जब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिलता, यूनियन का संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने ग्रेच्युटी और मोबाइल से संबंधित आदेश शीघ्र जारी करने, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऑनलाइन कार्य के बोझ को देखते हुए FRS के सम्यक क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक डाटा एंट्री ऑपरेटर बहाल करने की मांग की।

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यूनियन के वरिष्ठ नेता संजय कुमार भारती ने कहा कि आने वाले समय में कठिन लड़ाई लड़नी है और इसके लिए एकजुटता और नियमित सदस्यता नवीनीकरण के साथ नए सदस्यों को जोड़कर यूनियन को मजबूत बनाना होगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती पूनम श्रीवास्तव ने सभी सेविका-सहायिका बहनों से एकताबद्ध होकर यूनियन का साथ देने और जिले के सभी केंद्रों की कर्मियों को यूनियन से जोड़ने का आह्वान किया।

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एटक के जिला उपाध्यक्ष और वयोवृद्ध नेता बुद्धिनाथ साह ने कहा कि सेविका-सहायिकाओं की मांगें पूरी तरह जायज हैं और यूनियन को उनका सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। सम्मेलन को निवर्तमान महासचिव सुनील कुमार सिंह और धमदाहा की सेविका अनीता कुमारी ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्णिया जिले के विभिन्न परियोजनाओं – रूपौली, धमदाहा, भवानीपुर, डगरूआ, पूर्णिया सदर एवं पूर्णिया ग्रामीण की सेविका-सहायिकाएं उपस्थित थीं।

नई जिला कमेटी का गठन
सम्मेलन में सर्वसम्मति से 25 सदस्यीय नई जिला कमेटी का गठन किया गया।

पुनः निर्वाचित पदाधिकारी:
• अध्यक्ष: अंजू सिंह कुशवाहा • महासचिव: सुनील कुमार सिंह

उपाध्यक्ष: अनिता कुमारी (रूपौली), कुमारी आराधना सिंह (धमदाहा), रजनी गंधा (पूर्णिया सदर)

सचिव: पिंकी कुमारी (भवानीपुर), मंजू कुमारी (डगरूआ), पिंकी कुमारी (पूर्णिया ग्रामीण)

कोषाध्यक्ष: माला कुमारी (रूपौली)

अंकेक्षक: प्रोफेसर अरुण कुमार

नई कमेटी ने संकल्प लिया कि जिले के हर आंगनबाड़ी केंद्र तक यूनियन की पहुंच बनाई जाएगी और राज्यव्यापी व देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने में पूर्णिया की अग्रणी भूमिका रहेगी।

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