पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। कभी जनसुराज से पाला बदलकर दूसरी पार्टियों में गए नेता, अब उसी जनसुराज में वापसी या सूत्रधार प्रशांत किशोर का आशीर्वाद लेने की जुगत में जुटे दिख रहे हैं।
उपचुनाव से पहले की स्थिति इसके बिल्कुल उलट थी। बांकीपुर में मतदान से पहले जनसुराज के आधा दर्जन से अधिक बड़े नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहकर अलग-अलग दलों का दामन थाम लिया था। इन घटनाक्रमों के बाद जनसुराज के कोर समर्थकों में भी असमंजस की स्थिति बन गई थी।
लेकिन बांकीपुर में जनसुराज की जीत और प्रशांत किशोर की इस बड़ी राजनीतिक सफलता ने पूरे समीकरण को पलट दिया है। इस जीत के बाद राज्य भर में अपने-अपने दलों से असंतुष्ट चल रहे कई दलों के नेता अब जनसुराज में प्रवेश या जनसुराज का समर्थन पाने की कवायद में लगे हैं।
विधान परिषद की 8 सीटों पर नजर
राजनीतिक हलचल का अगला केंद्र नवंबर में होने वाला विधान परिषद चुनाव है। बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव होना है और जनसुराज ने सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है।
इनमें सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की है। इस सीट पर जदयू के कद्दावर नेता नीरज कुमार लगातार जीतते आ रहे हैं और इस बार भी पार्टी का उम्मीदवार लगभग तय माना जा रहा है।
लेकिन इस सीट पर उन्हें चुनौती जदयू के ही भीतर से मिल रही है। मोकामा से वरिष्ठ विधायक अनंत सिंह ने खुलेआम मीडिया के सामने इस सीट से जनसुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
“बेचारा” वाले बयान पर सियासी घमासान – सम्राट चौधरी के तंज पर प्रशांत किशोर का करारा पलटवार
अनंत सिंह और पीके के बीच क्यों नहीं हुई तकरार?
चर्चा यह भी है कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के लगभग सभी बड़े नेताओं पर तीखे आरोप लगाए, लेकिन उन्होंने कभी भी मोकामा विधायक अनंत सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की।
उधर, बेबाक बयानों के लिए चर्चित ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह भी हमेशा प्रशांत किशोर पर कटाक्ष करने से बचते रहे हैं। करीब 15 दिन पहले ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रशांत किशोर को ईमानदार तक बताया था।
इसी तरह की अटकलें कुछ दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को लेकर भी थीं। उनकी भी प्रशांत किशोर से एक-दो मुलाकातों की चर्चा रही, लेकिन किन कारणों से बात आगे नहीं बढ़ पाई, इसका खुलासा होना अभी बाकी है।
