पटना, 20 जून 2026:
भोजपुर (आरा) जिले के बेलौटी गांव में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के पुलिस एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। शनिवार को पटना स्थित जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस वार्ता में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सूबे की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि प्रशासन और नेताओं की मिलीभगत से की गई एक ‘सुनियोजित साजिशन हत्या’ है।
इस प्रेस वार्ता में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, पूर्व आईपीएस आरके मिश्रा, वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना सहित कई मुख्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव को ज्ञापन और कारगिल चौक पर महा-प्रदर्शन: मनोज भारती
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने तीखा रुख अपनाते हुए ऐलान किया कि इस अन्याय के खिलाफ पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने दो बड़े कदमों की घोषणा की:
मुख्य सचिव को ज्ञापन: पार्टी जल्द ही बिहार के मुख्य सचिव से मिलकर एक मांग पत्र सौंपेगी, जिसमें वारदात के समय मौके पर मौजूद हर पुलिसकर्मी को तुरंत निलंबित करने की मांग की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग मजबूती से रखी जाएगी।
कारगिल चौक पर प्रदर्शन: जनता और सोए हुए प्रशासन को जगाने के लिए रविवार की शाम को पटना के कारगिल चौक पर जन सुराज द्वारा एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
“एसडीओ ने दी थी बदला लेने की धमकी, नजदीक से मारी गोली”
घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए मनोज भारती ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि कोरोनाकाल में समाज सेवा के लिए खुद प्रशासन द्वारा सम्मानित किए जा चुके थे। जवईनिया गांव के कटाव पीड़ितों को बेलौटी में विस्थापित करने के दौरान जब गरीबों को निचली जमीन पर बसाया जा रहा था, तब भरत ने उन्हें ऊंचे स्थान पर बसाने या गड्ढा भरने की मांग की थी। इसी बात पर स्थानीय SDO से उनकी झड़प हुई और SDO ने बदला लेने की धमकी दी थी।
मनोज भारती ने दावा किया, “जब पुलिस से भरत का सामना हुआ, तो उन्होंने अपनी रिवॉल्वर फेंक कर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की बात कही थी। लेकिन पुलिस ने बेहद क्रूरता और बदले की भावना से उन्हें बिल्कुल नजदीक से गोली मार दी।”
सीएम सम्राट चौधरी से सीधा सवाल— एसपी-डीएसपी पर कार्रवाई कब?: किशोर कुमार मुन्ना
पार्टी के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने बताया कि उनके नेतृत्व में जन सुराज की 7 सदस्यीय कमेटी ने पीड़ित गांव का दौरा कर परिजनों से मुलाकात की है। भरत तिवारी केवल सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता चाहते थे। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधा सवाल किया कि बिहार में दो-दो बेटियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों और नीट (NEET) छात्रा के दोषियों पर पुलिस की गोली कब चलेगी?
उन्होंने कहा, “जब से नई सरकार बनी है, आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण खत्म हो चुका है। इस मामले में केवल दो दारोगा या 5 पुलिसकर्मियों को बलि का बकरा बनाने से काम नहीं चलेगा, वहां के दोषी एसपी (SP) और डीएसपी (DSP) पर कार्रवाई कब होगी?”
“एनकाउंटर संस्कृति से पुलिस खूनी हो जाएगी, भय नहीं न्याय का माहौल बनाएं”: पूर्व IPS आरके मिश्रा
पूर्व आईपीएस अधिकारी और जन सुराज के वरिष्ठ नेता आरके मिश्रा ने इस एनकाउंटर को कानून के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने के बावजूद भरत तिवारी को जेल भेजने के बजाय ‘क्लोज रेंज’ (सटाकर) से गोली मारी गई और उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय रास्ते में घुमाया गया ताकि उनकी मौत सुनिश्चित हो सके।
आरके मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर एनकाउंटर के नाम पर इस तरह साजिशन हत्याएं होने लगीं, तो पुलिस खूनी हो जाएगी। फिर तो संसद और विधानसभा में बैठे उन तमाम लोगों को भी गोली मार देनी चाहिए जिन पर आपराधिक आरोप हैं! न्यायपालिका को उसका काम करने दें। बिहार में भय का नहीं, बल्कि न्याय का माहौल बनाइए।”
