पटना: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, रोजगार और पर्यटन को गति देने के लिए 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। इस बैठक में उद्योग, स्वास्थ्य, विधि, नगर विकास, सिविल विमानन और खेल विभाग से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
प्रमुख विभागवार फैसले और योजनाएं:
1. राज्य में पर्यटन को पंख: ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म सेवा योजना 2026’
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सिविल विमानन विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना, 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए प्रति माह ₹60 लाख (प्लस जीएसटी) तथा अधिकतम ₹3.30 करोड़ (प्लस जीएसटी) की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव: 16 मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल पर और आयुष नियमावली स्वीकृत
सात निश्चय-3 (सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन): राज्य के 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) को लोक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर संचालित करने के लिए ‘PricewaterhouseCoopers Private Limited (PWC)’ को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त किया गया है। इसके लिए ₹8.27 करोड़ की मंजूरी दी गई।
आयुष सेवा नियमावली: बिहार जिला आयुष चिकित्सा / राज्य आयुष चिकित्सा सेवा संशोधन नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई है।
नया प्रशासनिक ढांचा: बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में प्रशासनिक सुगमता के लिए 6 नए पदों (उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक आदि) और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में 2 अधिसंख्य पदों के सृजन को मंजूरी मिली।
3. कानून व्यवस्था और त्वरित न्याय: 19 जिलों में नए कोर्ट और 198 पदों का सृजन
अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण: राज्य के 19 न्यायमंडलों (पश्चिम चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद, लखीसराय) में मामलों के जल्द निष्पादन हेतु 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना और 171 अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
NDPS एक्ट: पूर्णियाँ, भागलपुर और गया में NDPS मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना हेतु 27 नए पदों को मंजूरी मिली।
4. नगर विकास, पेयजल और बुनियादी ढांचा
अमृत 2.0 (AMRUT 2.0): नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹102.22 करोड़ तथा मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए ₹177.72 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई।
औद्योगिक सुरक्षा (BISF) व केंद्रीय विद्यालय: नवादा के रजौली में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना हेतु 43.98 एकड़ भूमि गृह विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की गई। वहीं, पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय के लिए 5 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर स्वीकृत हुई।
5. खेल, कला-संस्कृति, उद्योग एवं समाज कल्याण
स्पोर्ट्स साइंस सेंटर: राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में ‘स्पोर्ट्स साइंस सेंटर’ की स्थापना, संचालन और मानव संसाधन के लिए QCBS माध्यम से एजेंसी चयन व ₹25 करोड़ के व्यय की मंजूरी दी गई।
एमएसएमई (MSME) का पुनर्गठन: उद्योग विभाग के तहत एमएसएमई निदेशालय के पदों के पुनर्गठन के तहत मुख्यालय स्तर पर 106 नए पद चिह्नित करने की स्वीकृति मिली।
ज्ञान भारतम व हर घर तिरंगा: ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ₹6.23 करोड़ और “हर घर तिरंगा अभियान 2026” के आयोजन के लिए ₹6.12 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। पुरातत्व निदेशालय में 12 संविदा पदों पर नियोजन की मंजूरी भी शामिल है।
सुरक्षा व्यवस्था: समाज कल्याण विभाग के अधीन बालक/बालिका पर्यवेक्षण गृहों और सुरक्षित स्थानों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों (होमगार्ड) के नियोजन एवं ₹14.53 करोड़ के वार्षिक व्यय को मंजूरी मिली।
