बिष्णु नारायण चौबे
पटना। बिहार में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने करवट बदल ली है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार (8 अप्रैल) को राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। उत्तर बिहार और सीमांचल के 12 जिलों में स्थिति गंभीर रहने की संभावना है, जिसके लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
पश्चिमी चंपारण, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सुपौल, शिवहर और सीतामढ़ी में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रहेगा। यहाँ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने, भारी बारिश होने और बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की आशंका है।
पटना समेत 8 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
राजधानी पटना सहित गोपालगंज, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सारण, सीवान और वैशाली जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। पटना में बुधवार शाम या रात को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। हालांकि, इस दौरान तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं होगी और अधिकतम तापमान 30°C से 35°C के बीच बना रहेगा।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से बिहार के वायुमंडल में भारी नमी आ रही है, जिससे आंधी-बारिश की स्थिति बनी है।
सावधानी बरतने की सलाह
किसानों के लिए: ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
आम जनता के लिए: वज्रपात (ठनका) के खतरे को देखते हुए बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
अगले 48 घंटे: मौसम का यह मिजाज गुरुवार तक बना रह सकता है। इसके बाद 10 अप्रैल से पछुआ हवाएं फिर सक्रिय होंगी, जिससे पारा 40°C के पार जा सकता है।
