पटना। बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हड़ताली अधिकारियों और सरकार के बीच तनातनी अब आर-पार की जंग में तब्दील हो गई है।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा और विभाग के प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार ने अब हड़ताल के नाम पर दबाव बनाने और ‘धमकाने’ वाले पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दे दिया है।
डिप्टी सीएम की चेतावनी: “कायरता और अपराध बर्दाश्त नहीं”
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़े शब्दों में कहा कि जो ईमानदार अधिकारी कर्तव्य पथ पर लौट आए हैं, उन्हें डराना न केवल कायरता है बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने साफ किया कि:
सख्त कार्रवाई: काम में बाधा डालने वालों को चिन्हित कर जेल भेजना सुनिश्चित किया जाएगा।
जांच के घेरे में नेता: आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उन लोगों की भी जांच होगी जो इस्तीफा देकर चुनाव लड़ चुके हैं।
सुरक्षा का भरोसा: सरकार के साथ खड़े अधिकारियों को पूरी सुरक्षा और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।
डिजिटल दादागीरी पर नकेल: व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर नजर
विभाग को सूचना मिली है कि हड़ताली गुट के कुछ लोग काम पर लौटे सहयोगियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं और सोशल मीडिया पर ‘नेमिंग एंड शेमिंग’ (नाम सार्वजनिक कर अपमानित करना) कर मानसिक दबाव बना रहे हैं।
प्रधान सचिव का निर्देश: विभाग ने इसे सरकारी कार्य में बाधा माना है। सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में बिना देरी किए आईटी एक्ट की धारा 67 और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करें।
इन धाराओं के तहत नपेंगे दोषी
सरकार ने कार्रवाई के लिए कानूनी खाका तैयार कर लिया है। दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 132, 351, 352, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत प्रहार किया जाएगा। यह धाराएं सरकारी काम में बाधा, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी हैं।
टूटती हड़ताल: बैकफुट पर संघ
सरकारी सख्ती का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार:
अब तक 24 अधिकारी हड़ताल छोड़कर काम पर वापस आ चुके हैं।
आम जनता के काम न रुकें, इसके लिए गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।
विभाग पल-पल की रिपोर्ट जिलाधिकारियों से तलब कर रहा है।
