तमिलनाडु में ‘विजय राज’ का आगाज़: थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय (जोसेफ विजय) ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
यह पल राज्य के इतिहास में मील का पत्थर माना जा रहा है क्योंकि 59 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, तमिलनाडु में DMK और AIADMK के प्रभुत्व से इतर किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय के साथ 9 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है, जो उनकी नई कैबिनेट का हिस्सा होंगे। इस समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित देश के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की।
2026 के विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK), राज्य की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।
कुल सीटें: 234
बहुमत का आंकड़ा: 118
TVK की सीटें: 108
सरकार बनाने के लिए विजय को गठबंधन सहयोगियों का साथ मिला है। उनके पास कुल 120 विधायकों का समर्थन पत्र है, जिसे उन्होंने शनिवार को राज्यपाल को सौंपा था।
समर्थन देने वाले दल:
कांग्रेस: 05 सीटें
CPI: 02 सीटें
CPM: 02 सीटें
VCK: 02 सीटें
IUML: 02 सीटें
ऐतिहासिक बदलाव: दो दशक का सफर, दो साल की पार्टी
तमिलनाडु में 1967 के बाद से सत्ता की बागडोर केवल दो द्रविड़ दलों (DMK और AIADMK) के पास ही रही है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया था और 1972 में एमजीआर के अलग होने के बाद से ये दोनों पार्टियाँ बारी-बारी से शासन कर रही थीं। मात्र 2 साल पुरानी पार्टी (TVK) के साथ विजय ने इस चक्र को तोड़कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।
अगली चुनौती: बहुमत का परीक्षण
राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त करने के साथ ही बहुमत साबित करने के लिए समय दिया है। विजय को 13 मई 2026 तक विधानसभा में अपना विश्वास मत (Floor Test) हासिल करना होगा।
