पटना। पद्म भूषण से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा है कि भारत आज स्वतंत्रता के 80 साल बाद एक नए लोकतंत्र के दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बदलाव इसलिए संभव हुआ क्योंकि भारत ने पश्चिमी लोकतंत्र के प्रभाव से मुक्ति पाकर अपनी नई परिभाषा गढ़नी शुरू कर दी है।
विश्व संवाद केंद्र द्वारा शनिवार को आयोजित ‘आद्य पत्रकार देवर्षि नारद स्मृति कार्यक्रम’ में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए श्री राय ने ‘भारत के लोकतंत्र की आंतरिक शक्ति’ विषय पर अपने विचार रखे।

संविधान और नेतृत्व पर मंथन
श्री राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने संविधान को शत-प्रतिशत स्वीकार किया है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व के प्रधानमंत्रियों ने समय-समय पर संविधान में बदलाव के प्रयास किए, जिसमें 1951 में नागरिक अधिकारों पर अंकुश लगाने वाले संशोधन और आपातकाल के दौरान संविधान की स्थिति का जिक्र किया।
भारतीय लोकतंत्र की असली शक्ति
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री राय ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर, 1949 के भाषण का स्मरण किया। उन्होंने कहा:
”राजनीतिक लोकतंत्र के बाद अब समय सामाजिक लोकतंत्र का है। भारत की असली शक्ति यहाँ का सामान्य नागरिक है, जो अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों के प्रति हमेशा ईमानदार रहा है। इसी आचरण के बल पर आपातकाल जैसी तानाशाही के बाद भी यहाँ लोकतंत्र पुनः बहाल हो सका।”

पत्रकारिता जगत की विभूतियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित पत्रकारिता सम्मानों का वितरण भी किया गया:
देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद पत्रकारिता शिखर सम्मान: वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र।
केशवराम भट्ट पत्रकारिता सम्मान: सुबोध कुमार नंदन (उत्कृष्ट रिपोर्टिंग)।
बाबूराव पटेल रचनाधर्मिता सम्मान: वरिष्ठ छायाकार दीपक कुमार।

अन्य प्रमुख वक्ताओं के विचार
प्रो. टी एन सिंह (निदेशक, आईआईटी पटना): उन्होंने कहा कि भारत तमाम चुनौतियों के बावजूद एक परिपक्व लोकतंत्र की ओर बढ़ रहा है।
प्रियरंजन भारती (वरिष्ठ पत्रकार): उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने ढाई हजार साल पहले ही विश्व को लोकतंत्र का ढांचा दिया था, जो आज भी नागरिकों के चैतन्य में जीवित है।
डॉ. संजीव चौरसिया (विधायक व सचिव, विश्व संवाद केंद्र): उन्होंने केंद्र की 27 वर्षों की यात्रा और नागरिक पत्रकारिता कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर पत्रकारिता कार्यशाला के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में शिक्षाविद, वरिष्ठ पत्रकार, छायाकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
