Thursday, April 30, 2026
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सारण: भ्रष्टाचार और लंबित मांगों के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ का हल्ला बोल, DEO कार्यालय पर जोरदार धरना

छपरा। सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर गुरुवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के समक्ष शिक्षकों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और शिक्षकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने एकदिवसीय विशाल धरना दिया।

​धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह तो अभी महज एक ट्रेलर है, पूरी झांकी अभी बाकी है।”

​वहीं,  संघ के प्रधान सचिव दिनेश कुमार सिंह ने पदाधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन की मांगों की अनदेखी करना शिक्षा विभाग के लिए ठीक नहीं होगा। शिक्षकों ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के साथ समझौता नहीं करेंगे।

​धरने के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों का मांग-पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:

प्रोन्नति का लाभ: राघवेंद्र शर्मा बनाम राज्य सरकार के न्यायादेश के आलोक में अहर्ताधारी शिक्षकों को प्रोन्नति देना।

वेतन विसंगति: स्नातक एवं प्रधानाध्यापक पदों पर छूटे हुए शिक्षकों को अविलंब लाभ प्रदान करना।

बकाया भुगतान: विशिष्ट शिक्षक एवं प्रधान शिक्षकों के बकाया वेतन तथा नियोजित शिक्षकों के EPFO के लंबित भुगतान का निपटारा।

भत्ता एवं संरक्षण: विशिष्ट और प्रधान शिक्षकों को शहरी आवास भत्ता (HRA) तथा वेतन संरक्षण का लाभ देना।

​इस प्रदर्शन में जिले भर से आए सैकड़ों शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सभा को मुख्य रूप से संरक्षक ब्रजेश कुमार सिंह, वरीय उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, महेश्वर प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष संजय कुमार, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रवक्ता विजय कुमार सिंह और मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार सिंह सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कुमार सिंह ने किया।

​धरना स्थल पर उपस्थित भारी भीड़ और शिक्षकों के आक्रोश ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया है कि यदि फाइलों में दबी उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जिले की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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