पटना: जिलाधिकारी ने सोमवार को प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, बिहटा का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने न केवल कार्यालय के दस्तावेजों और कार्यप्रणाली की जांच की, बल्कि वहां मौजूद आम जनता से सीधा संवाद कर योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन का फीडबैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं का लाभ जनता तक संवेदनशीलता के साथ पहुंचना सुनिश्चित करें। संवाद के दौरान स्थानीय लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के बेहतर संचालन पर संतोष व्यक्त किया।

अनुशासनहीनता पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान अनुशासन और समयबद्धता को लेकर जिलाधिकारी सख्त नजर आए। उन्होंने निम्नलिखित कार्रवाई के निर्देश दिए:
वेतन स्थगन: बिना किसी पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए दो कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण (Show-cause) मांगा गया है।

आचरण पर चेतावनी: एक अन्य कर्मी का व्यवहार ‘बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली’ के प्रतिकूल पाए जाने पर उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। डीएम ने उक्त कर्मी से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही या जनता के साथ अनुचित व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस औचक निरीक्षण से प्रखंड कार्यालय के कर्मियों में हड़कंप मचा रहा।
