पटना, 10 सितंबर। बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि सहकारिता, तकनीक, बीमा और वित्तीय सेवाओं को एक साथ जोड़कर ही किसानों को सशक्त बनाया जा सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।
डॉ. प्रेम कुमार आज होटल मौर्या में रोनेट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल सहकारी संस्थाओं की आय बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को सुरक्षा, वित्तीय मजबूती और अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि भारत में सहकारिता की शक्ति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अमूल और इफको हैं। जब किसान सहकारी संस्थाओं के माध्यम से संगठित होते हैं, तो उनकी सामूहिक शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। यदि दूध और उर्वरक के क्षेत्र में सफल सहकारी मॉडल विकसित हो सकता है, तो सब्जी उत्पादक किसानों के लिए भी एक व्यापक वित्तीय एवं व्यावसायिक इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है।
डॉ. कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी के ‘जय जवान, जय किसान’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि आज समय की मांग है कि हम ‘सशक्त किसान, सुरक्षित किसान और समृद्ध किसान’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। “किसान मजबूत होगा तो सहकारिता मजबूत होगी, सहकारिता मजबूत होगी तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होगा तो भारत मजबूत होगा।”
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विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि CSPA (Cooperative Sales & Service Partner) मॉडल सहकारी समितियों के लिए नई आय और सेवा के अवसर पैदा कर सकता है। Roinet Solution एवं Roinet Insurance Brokers के साथ विकसित किया जा रहा यह मॉडल सहकारी समितियों के मौजूदा कार्यालय, सदस्य नेटवर्क और किसानों के विश्वास को तकनीक, प्रशिक्षण, बीमा एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां केवल सब्जियों की खरीद-बिक्री तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों के लिए ‘कम्प्लीट सर्विस प्वाइंट’ के रूप में विकसित हों, जहां किसान को स्वास्थ्य सुरक्षा, वाहन बीमा, परिवार की वित्तीय सुरक्षा तथा आवश्यकता के समय उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मिल सके।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सब्जी उत्पादक किसानों के सामने बाजार, मूल्य, भंडारण, परिवहन और वित्तीय जोखिम जैसी अनेक चुनौतियां हैं और सहकारी संस्थाओं के किसान नेटवर्क को तकनीक, बीमा और वित्तीय सेवाओं से जोड़कर इनका समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को नई गति और दिशा मिली है और केंद्र सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और गांवों को मजबूत बनाने के लिए सहकारिता को विकास का प्रभावी माध्यम बना रही है।
