Saturday, August 29, 2026
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दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा की चुनावी बिसात: सर्वेश कुमार की दावेदारी मजबूत, संघ से जुड़े राजकिशोर सिंह भी रेस में

दरभंगा। आगामी बिहार विधान परिषद (MLC) चुनावों की सुगबुगाहट तेज होते ही दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर टिकट को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट और सियासी घेराबंदी का दौर शुरू हो चुका है।

पिछला विधान परिषद चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतकर इतिहास रचने वाले सर्वेश कुमार अब भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बन चुके हैं। चुनाव जीतने के बाद उनका भाजपा में शामिल होना इस क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को बड़े पैमाने पर बदलने वाला साबित हुआ। वर्तमान में वे भाजपा परिवार के अभिन्न अंग हैं और स्नातक मतदाताओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ और विकास कार्यों के दम पर पुनः दावेदारी पेश कर रहे हैं।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिटिंग एमएलसी सर्वेश कुमार को दरकिनार कर कोई नया जोखिम उठाना भाजपा शीर्ष नेतृत्व के लिए फायदेमंद नहीं दिखता। सर्वेश कुमार ने पिछले चुनाव में स्थापित दलीय समीकरणों को ध्वस्त करते हुए जिस तरह एकतरफा जीत दर्ज की थी,

उससे यह स्पष्ट है कि क्षेत्र के स्नातकों, युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग पर उनका व्यक्तिगत और सामाजिक प्रभाव बेहद गहरा है। ऐसे में यदि भाजपा उन्हें दरभंगा स्नातक सीट से उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित करती है, तो उनकी जीत को लगभग तय माना जा रहा है।

राजकिशोर सिंह भी ठोक रहे दावेदारी

दूसरी ओर, चुनाव नजदीक आते ही पार्टी के भीतर टिकट के अन्य दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। बेगूसराय में शिक्षा जगत की जानी-मानी हस्ती और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े राजकिशोर सिंह भी भाजपा से टिकट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि और शैक्षणिक क्षेत्र में उनकी साख को देखते हुए वे भी अपनी दावेदारी को मजबूती से आलाकमान के समक्ष रखेंगे।

शीर्ष नेतृत्व के सामने टिकट चयन की चुनौती

दरभंगा, बेगूसराय, समस्तीपुर और मधुबनी जिलों में फैले इस विस्तृत निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सामने एक तरफ जहां निष्ठावान संगठन और संघ पृष्ठभूमि से आने वाले चेहरे को साधने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ सर्वेश कुमार जैसे विनिंग कैंडिडेट (जीतने वाले प्रत्याशी) को बरकरार रखकर सीट पर दोबारा जीत सुनिश्चित करने का दबाव है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा आलाकमान इस चुनावी बिसात पर सर्वेश कुमार के मजबूत जनाधार पर भरोसा जताता है या अंदरूनी राजनीतिक दांव-पेचों के बीच नया समीकरण गढ़ता है।

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हालांकि सूत्र बताते हैं की भाजपा में प्रवेश करने के दौरान हीं निर्दलीय जीते सर्वेश कुमार ने भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष यह शर्त रखी थी कि अगले दरभंगा स्नातक विधान परिषद चुनाव में यह सीट पर किसी अन्य उम्मीदवार के लिए विचार नहीं किया जाएगा और उन्हें ही उम्मीदवारी दी जाएगी।

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