Friday, September 11, 2026
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जदयू का नाम बदलकर ‘जदयू-नीतीश’ करने की मांग पर सियासत तेज, प्रशांत किशोर का पलटवार – पार्टी तो अमित शाह के दो लोग चला रहे हैं

भागलपुर | 11 सितंबर 2026। जनता दल यूनाइटेड के नामकरण को लेकर शुरू हुई बहस के बाद बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने गुरुवार को मीडिया में बयान देकर मांग की थी कि अब पार्टी का नाम जदयू की जगह ‘जदयू-नीतीश’ होना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पार्टी नीतीश कुमार के नाम और काम पर चलती है।

संजय झा के इसी बयान पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को भागलपुर में तीखा हमला बोला है।

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प्रशांत किशोर ने कहा, “जदयू अब नीतीश कुमार नहीं चला रहे हैं। जदयू को अब अमित शाह और उनके द्वारा नियुक्त किए गए दो लोग चला रहे हैं। इसलिए नाम बदलकर जदयू-नीतीश करने से कोई फायदा नहीं होने वाला। बिहार की जनता सब जानती है कि असल में नियंत्रण किसके हाथ में है।”

सीएम सम्राट पर भी साधा निशाना

भागलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीके ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बिहार को सुधारने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है, इसलिए हम लोग बेचारे हैं। जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने बिहार को बेचारा बना दिया है।”

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अडानी पावर प्लांट को लेकर सरकार को घेरा

प्रशांत किशोर ने भागलपुर में प्रस्तावित अडानी के बिजली प्लांट को लेकर भी नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “पैसा आपका, जमीन आपकी और मालिक गुजरात से किसी को लाकर बनाया जा रहा है। और आपके बच्चे वहां मजदूरी करेंगे। यह बिहार के संसाधनों की लूट है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिहार के संसाधनों को बाहर की कंपनियों को सौंप रही है जबकि स्थानीय युवाओं को सिर्फ मजदूरी मिल रही है।

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गौरतलब है कि संजय झा के बयान को जदयू के अंदर नीतीश कुमार की विरासत को सुरक्षित करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन प्रशांत किशोर के हमले के बाद यह मामला एनडीए के अंदर नियंत्रण और नेतृत्व के सवाल में बदल गया है।

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