पटना: बिहार के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने पत्रकारों को भारतीय रेलवे में पूर्व की भांति मिलने वाली रियायती यात्रा की सुविधा को पुनः बहाल करने के लिए केंद्र सरकार (भारत सरकार) को सिफारिश भेजने का निर्णय लिया है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय बिहार विधान परिषद में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी अशोक कुमार पाण्डेय द्वारा लाए गए गैर-सरकारी संकल्प पर लिया गया, जिसे सरकार ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। सदन में सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए परिवहन मंत्री दामोदर राउत ने इस संबंध में सकारात्मक जवाब दिया।
सदन में उठा मुद्दा: कोरोना काल से बंद है सुविधा
गैर-सरकारी संकल्प पेश करते हुए राजद सदस्य अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के समय से ही रेलवे ने पत्रकारों को मिलने वाली यात्रा छूट पर रोक लगा दी थी। तब से लेकर अब तक यह सुविधा बहाल नहीं हो सकी है, जिससे बिहार के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अपनी पेशेवर और व्यावसायिक यात्राओं के दौरान आर्थिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्रकार संगठनों का प्रयास और यूनियन का आभार
पत्रकारों के अधिकारों के लिए प्रयासरत बिहार प्रेस मेंस यूनियन इस सुविधा को दोबारा शुरू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत है।
सदन के इस निर्णय पर बिहार प्रेस मेंस यूनियन के सचिव दयाशंकर तिवारी एवं अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही यूनियन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य सरकार की सिफारिश पर तुरंत ध्यान देते हुए पत्रकारों के हित में इस रियायती यात्रा सुविधा को यथाशीघ्र शुरू किया जाए।
पत्रकार जगत में खुशी की लहर
बिहार विधान परिषद में इस संकल्प के स्वीकार होने और राज्य सरकार द्वारा केंद्र को सिफारिश भेजने के आश्वासन से प्रदेश के पत्रकारों में एक नई उम्मीद जगी है। यदि केंद्र सरकार इस सिफारिश को मंजूरी दे देती है, तो राज्य के सैकड़ों मान्यता प्राप्त पत्रकारों को यात्रा के दौरान बड़ी राहत मिलेगी।
