नगर परिषद दानापुर निजामत क्षेत्र दिनदुनी रात चौगुनी हिसाब से विकसित हो रहा हैं। इस पूरे क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा मेट्रो व 8 लेन सड़कों ने पूरे नगर परिषद दानापुर निजामत का महत्व बढ़ा दिया है।
लेकिन नगर परिषद प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों का लापरवाही वाले रवैयो से यहां के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है । ऐसे में नागरिकों में नगर परिषद प्रशासन के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।
ज्ञात हो कि दानापुर शहर यानी खगौल और सगुना मोड से दानापुर रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते के दाहिने साइड दानापुर नगर परिषद का कार्यक्षेत्र है। खगौल दानापुर मुख्य शहर में आने से वहां आंशिक रूप से ही सही लेकिन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है।
जबकि सगुना मोड से दानापुर रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर नगरनिगम पूरी तरह लापरवाही भरा रवैया अपना रखा है। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में निरंतर निर्माण कार्य चल रहा है।
ऐसे में यहां नाला का निर्माण कार्य नहीं हो पाने से सड़कों पर इमारतों का पानी बहना इस क्षेत्र का आम दृश्य है। बढ़ती आबादी के कारण घरों से कूड़ा कचरा लेजाने का भी उचित प्रबंधन नहीं दिखता है।
सबसे बुरी स्थिति यहां के निवासियों के लिए मच्छरों के भीषण प्रकोप ने कर रखी है। निरंतर हो रहे निर्माण कार्य से हो रहे प्रदूषण हो या सड़कों पर बहता नालों का गंदा पानी। ऐसी स्थिति में मच्छड़ो का भीषण प्रकोप स्वाभाविक है।
और समय समय पर नगर परिषद द्वारा मच्छड़ो वाले क्षेत्र को चिन्हित कर वहां नगर परिषद, National Vector Borne Disease Control Programme के तहत स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करती है।
इसके साथ सुबह या शाम मशीन से दवा का धुआँ छोड़ा जाता है। यह एडल्ट मच्छरों (उड़ने वाले) को मारता है। नालियों, गड्ढों, पानी जमा जगहों पर एंटी-लार्वा छिड़काव की जाती है। जो मच्छरों के लार्वा (अंडे/कीड़े) को खत्म करता है।
लेखानगर 24×7 दुकान से सटे गली के निवासी हितेश कुमार के अनुसार यहां के निवासियों को रात ही नहीं दिन भर भीषण मच्छरों का प्रकोप क्षेलना पर रहा है। यहां हिट, गुड नाइट टिकिया के साथ मच्छरदानी भी बेअसर साबित हो रहा है। लोग रात रात भर सो नहीं पा रहे है।
दानापुर नगर परिषद के शिकायत वाले टोल फ्री नंबर पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कानों में जूं नहीं रेंग रहा हैं। और स्थानीय नागरिक इस नंरकीय स्थिति में एक एक दिन गुजारने पर मजबूर है।
