पटना | 18 अप्रैल, 2026
पटना जिला प्रशासन ने शहर के सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आज एक बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के उपस्थिति में पटना सिटी अनुमंडल के भद्र घाट से कंगन घाट तक विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगा किनारे अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन से 42 अस्थायी संरचनाओं को जमींदोज कर दिया गया।
प्रशासन ने 7 झोपड़ियां और 35 अवैध स्टॉल हटाए।
जब्ती और जुर्माना: 2 स्टॉल जब्त किए गए और अतिक्रमणकारियों से 3,000 रुपये का दंड वसूला गया।
स्थायी निर्माण पर कार्रवाई: पक्के निर्माणों को हटाने के लिए अंचल अधिकारी ने ‘अतिक्रमणवाद’ की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्हें जल्द ही विधिपूर्वक हटाया जाएगा।
कार्यवाही का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गंगा नदी के किनारे की असर्वेक्षित भूमि सरकारी है। उन्होंने कहा, “नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार फ्लड प्लेन एरिया में निजी जमीन पर भी निर्माण वर्जित है। जनहित की योजनाओं में कोई भी बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।”
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अतिक्रमण हटने के बाद इन जगहों पर फेंसिंग और वृक्षारोपण कराया जाए ताकि दोबारा कब्जा न हो सके।
पटना साहिब की महत्ता को देखते हुए प्रशासन यहाँ पार्किंग, हरित क्षेत्र विकास और सुचारू यातायात के लिए दीर्घकालीन योजना पर काम कर रहा है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर फीडबैक भी लिया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर अब वन विभाग, पथ निर्माण और नगर विकास विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
इस विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), नगर दंडाधिकारी, पटना सिटी के अंचल अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक समेत भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदतन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
