पटना/राजगीर: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने रविवार को नालंदा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर जू-सफारी एवं नेचर सफारी का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों के बेहतर रखरखाव और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को उच्च स्तरीय बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एक नन्हे सिंह शावक (शेर के बच्चे) का नामकरण ‘लक्ष्मी’ किया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी सहित कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में राजगीर जू-सफारी का जलवा
राजगीर जू-सफारी के नाम एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ी है। यहाँ के 180 डिग्री थियेटर में दिखाई जाने वाली एनिमेटेड फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ को 16वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट एनिमेशन का सर्टिफिकेट ऑफ एक्सिलेंस’ से नवाजा गया है। रविवार को यह प्रतिष्ठित सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने खुद थियेटर में बैठकर इस बेहतरीन एनिमेशन फिल्म को देखा। यह फिल्म एक शेर और बाघ के शावकों की यात्रा के जरिए भारत की समृद्ध जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषयों को बेहद खूबसूरती से दर्शाती है, जिसमें भारतीय हाथी और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सहित कुल 23 वन्य जीव प्रजातियों को दिखाया गया है।
ग्लास ब्रिज से निहारी वादियां, बंद गाड़ी से किया सफारी का दीदार
मुख्यमंत्री ने नेचर सफारी और जू-सफारी के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया:
ग्लास ब्रिज (कांच का पुल): मुख्यमंत्री ग्लास ब्रिज पर गए और वहां से राजगीर की खूबसूरत पहाड़ियों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
सफारी का भ्रमण: बंद सुरक्षित गाड़ी में बैठकर मुख्यमंत्री ने सफारी क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने खुले में घूम रहे शेर, बाघ और अन्य वन्य जीवों की गतिविधियों को करीब से देखा।
कंट्रोल रूम और व्याख्या केंद्र: उन्होंने मुख्य नियंत्रण कक्ष (Control Room) से पूरी सफारी की सुरक्षा व मॉनिटरिंग व्यवस्था को देखा और व्याख्या केंद्र में प्राचीन वन्य जीव प्रजातियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
वन्य जीव अस्पताल का निरीक्षण और अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री राजगीर के अत्याधुनिक वन्य जीव अस्पताल भी पहुंचे, जहां उन्होंने बीमार या घायल जानवरों के इलाज के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा:
“राजगीर की नेचर सफारी और जू-सफारी दोनों ही अद्भुत और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनी हैं। प्रशासन का यह दायित्व है कि यहाँ आने वाले पर्यटकों की हर छोटी-बड़ी सुविधा का विशेष ख्याल रखा जाए। पूरी व्यवस्था को हमेशा इसी तरह बेहतर ढंग से मेंटेन रखें ताकि वन्य जीवों को भी प्राकृतिक और तनावमुक्त माहौल मिलता रहे।”
इस खास दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, नालंदा के जिलाधिकारी (DM) कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक (SP) संकेत कुमार सहित वन विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद थे।
